यह हैं पंजाब के पहले बाल मित्र थाने की तस्वीरें, खूबियां जान आप भी कहेंगे वाह!
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लोहा नगरी मंडी गोबिंदगढ़ में पंजाब का पहला बाल मित्र पुलिस स्टेशन खुल गया है। इसका उद्घाटन एडीजीपी (सीएडी एवं महिला बच्चों के मामले) पंजाब गुरप्रीत कौर देओ ने किया। इस थाने में बच्चों के लिए खास तौर पर दीवारें डिजाइन करवाईं गई हैं। खिलौने, गेम्स, एलईडी, किताबों से लैस स्वच्छ कमरे हैं।
इस अवसर पर एडीजीपी देओ ने कहा कि बाल मित्र पुलिस स्टेशन बनाने का मुख्य मकसद बच्चों के अंदर से पुलिस के झिझक को दूर करने और एक सुखदायक माहौल में उनकी मुश्किलों का हल करना है। पंजाब का यह पहला बाल मित्र पुलिस स्टेशन है, जिसे आज लोगों को समर्पित कर दिया गया है। यहां बच्चों को घर जैसा माहौल मिलेगा, जिससे बच्चा अपने साथ हुई अन्याय या दुख तकलीफ बिना किसी घबराहट से बता सकेंगे और यहां उनकी हर मुश्किलों का पूरा हल किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि पंजाब भर में 'बचपन बचाओ आंदोलन' के अंतर्गत यह पुलिस स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं। उक्त पुलिस स्टेशन में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों को तय समय में इंसाफ मिले। इस मौके पर एसपीडी हरपाल सिंह, एसपीएच नवरीत सिंह विर्क, एसपी अमरजीत सिंह मटवानी, डीएसपी हरदीप सिंह बडूंगर, डीएसपी अमलोह सुखविन्दर सिंह, डीएसपी मनजोत कौर, ट्रैफिक इंचार्ज जसपाल सिंह और बचपन बचाओ आंदोलन के स्टेट कोआर्डिनेटर यादविंदर सिंह मौजूद रहे।
एसएसपी फतेहगढ़ साहिब अमनीत कौंडल ने बताया कि इस पुलिस स्टेशन में बच्चों संबंधी दो श्रेणी (चिल्ड्रेन कॉनफ्लिक्ट विद लॉ और चिल्ड्रेन नीड केयर एंड प्रोटेक्शन) के आधार पर जुवेनाइल जस्टिस कमेटी (जेजेसी) और बाल भलाई कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के साथ तालमेल के साथ कार्रवाई की जाएगी।
चिल्ड्रेन कॉनफ्लिक्ट विद लॉ में अपराधों के साथ संबंधित बच्चें शामिल होंगे और चिल्ड्रेन नीड केयर एंड प्रोटेक्शन में बाल मजदूरी, बाल-विवाह, बच्चों के साथ हिंसा आदि मामले शामिल होंगे। पुलिस स्टेशन में बच्चों के बयान दर्ज करवाने और दिव्यांग बच्चों के लिए भी विशेष सहूलतें मुहैया करवाई गई हैं।