मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से सियासी मतभेद के बाद पंजाब की राजनीति में पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की सक्रियता बेहद कम देखने को मिली। सिद्धू की सियासी जमीन को पुन: पटरी पर लाने को उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू एक बार फिर सक्रिय हुई हैं। सिद्धू की पत्नी ने एक सप्ताह में दूसरी बार बयान दिया कि अगर भारतीय जनता पार्टी शिअद से अलग हो जाए तो भाजपा में जाने से सिद्धू दंपती को कोई समस्या नहीं है।
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नवजोत सिंह सिद्धू।
- फोटो : फाइल फोटो
एक सप्ताह पहले डॉ. सिद्धू ने ट्विटर व गुरुवार को मानसा के एक डेरे में माथा टेकने के बाद कहा कि यदि भाजपा अकाली दल के साथ नाता तोड़ ले तो सिद्धू दंपती भाजपा में जाने के बारे में सोच सकता है। इसके साथ ही डॉ. सिद्धू ने मोहल्ला क्लीनिक खोलने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमकर तरफ की है।
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नवजोत सिंह सिद्धू।
- फोटो : twitter
डॉ. सिद्धू का दावा है कि मोहल्ला क्लीनिक खोलने का सुझाव उन्होंने ही केजरीवाल को दिया था। डॉ. सिद्धू ने अक्टूबर 2019 में कहा था कि उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी है। डॉ. सिद्धू अगस्त 2016 में जब वह भाजपा की विधायक थीं तो कहा था कि भाजपा और शिरोमणि अकाली को अलग-अलग होकर काम करना चाहिए।
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नवजोत सिंह सिद्धू।
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गठबंधन में रहकर दोनों पार्टियों में विवाद ही रहता है। अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास न होने के विरोध में डॉ. सिद्धू ने हॉल गेट के बाहर धरना भी लगाया था। राजनीतिक विचारधारा का पाला बदलने से पहले डॉ. सिद्धू इस प्रकार के बयान से अपने पति नवजोत सिद्धू की राजनीतिक जमीन तलाशती रही हैं।
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नवजोत सिंह सिद्धू।
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2017 के विधानसभा चुनाव से पहले सिद्धू दंपती का आम आदमी पार्टी में शामिल होने की बात अंतिम चरण में इसलिए नाकाम हो गई थी कि केजरीवाल ने सिद्धू को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने से इनकार कर दिया था। वहीं समय-समय पर पंजाब की राजनीति में नवजोत सिद्धू को लेकर कयासों का बाजार गर्म रहता है।