किसानों के काफिले दिल्ली की सीमाओं से शनिवार को पंजाब और हरियाणा की ओर वापस लौटने लगे। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर जश्न का माहौल रहा। जगह-जगह फूलों से किसानों का स्वागत किया गया और ढोल की थाप पर भांगड़ा और गिद्दा कर खुशी मनाई गई। किसानों के साथ ही राहगीरों ने भी लंगर और भंडारे का लुत्फ उठाया। वहीं पानीपत से अंबाला तक किसानों का तांता लगने से हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। सिंघु बॉर्डर से तंबू उखाड़कर हजारों की संख्या में किसान दोपहर बाद पानीपत पहुंचे, जहां टोल प्लाजा पर किसानों का भव्य स्वागत किया गया। यहां दिनभर जश्न का माहौल बना रहा। हजारों की संख्या में किसानों ने नाच गाकर एक दूसरे को आंदोलन में जीत की बधाई दी। किसानों का कहना है कि अभी दो दिन बाद ही पानीपत टोल प्लाजा से तंबू हटाया जाएगा। इससे पहले दिल्ली से लौट रहे सभी किसानों का स्वागत किया जाएगा।
किसानों के घर वापसी की तस्वीरें: जश्न में थमी नेशनल हाईवे की रफ्तार, ढोल-नगाड़ों पर थिरके किसान, अभी टोल नहीं होंगे खाली
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दिल्ली से किसानों की वापसी के कारण शनिवार को पानीपत टोल पर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी रही। वहीं करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर एक किलोमीटर तक और अंबाला के शंभु बॉर्डर टोल प्लाजा पर पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान करनाल में बसताड़ा टोल प्लाजा पर किसानों ने रक्तदान कर शहीद किसानों व शहीद सैन्य अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी। किसानों ने कहा कि जब तक दिल्ली से पंजाब और हरियाणा का एक-एक किसान वापस नहीं लौटता तब तक वे टोल पर डटे रहेंगे। करनाल-हिसार रोड स्थित प्यौंत टोल प्लाजा पर 14 दिसंबर को किसानों का धरना समाप्त होगा।
कैथल में फतेह मार्च निकाला, यमुनानगर में लड्डू बांटे
कैथल शहर में किसानों ने फतेह मार्च निकाला। इस जिले में गुहला चीका में पटियाला रोड व जींद रोड स्थित पेट्रोल पंप के सामने धरनास्थलों पर दिल्ली से वापस लौटै किसानों का स्वागत किया गया। यमुनानगर में हरिद्वार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे 344 पर मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर किसानों ने जश्न मनाया और लड्डू बांटे। शनिवार को दिल्ली से किसानों के जत्थे यमुनानगर वापस नहीं पहुंच पाए। उनके लौटने के बाद किसान यहां से धरना उठाएंगे।
शंभू बॉर्डर: लंगर चखने के बाद आगे बढ़ा काफिला
अंबाला जिले में शंभू बॉर्डर पर किसानों ने खुशी मनाई। शाम को पंजाबी गायक रेशम सिंह अनमोल का कार्यक्रम रखा गया। लंगर चखने के बाद किसानों के काफिले पंजाब की ओर बढ़ते रहे। 15 दिसंबर को किसान इस टोल प्लाजा से घर वापसी करेंगे। पानीपत जिले में पानीपत-रोहतक स्टेट हाईवे स्थित डाहर टोल प्लाजा व राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित टोल प्लाजा पर किसान जत्थों का स्वागत किया गया। डाहर टोल प्लाजा से किसानों ने सुबह घर वापसी कर ली लेकिन तंबू नहीं उखाड़ा। उनका कहना है कि सभी किसानों के गुजरने के बाद ही तंबू उखाड़ेंगे। जीटी रोड स्थित टोल प्लाजा से देर रात तक लंगर स्थल हटने का अनुमान लगाया जा रहा था।
पिहोवा में शहीद हुए किसान परिवारों को किया सम्मानित
कुरुक्षेत्र जिले के अंतर्गत पिहोवा में कार्यक्रम कर आंदोलन के दौरान शहीद हुए 81 किसानों के परिवारों को सम्मानित किया गया। इनमें 80 परिवार कैथल जिले के व एक परिवार कुरुक्षेत्र जिले से हैं। आंदोलन में सहयोग देने वालों को भी सम्मानित किया। इस जिले में हिसार-चंडीगढ़ स्टेट हाईवे स्थित सैनी माजरा टोल प्लाजा व थाना टोल प्लाजा से किसानों के धरने 15 दिसंबर को उठेंगे। दोनों स्थानों पर जश्न का माहौल रहा। रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर शाहाबाद में जलेबी पुल व पिपली चौक पर दिल्ली से वापस लौट रहे जत्थों के स्वागत में कार्यक्रम होंगे।