पंजाब के 26वें मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में अपनी बायोग्राफी रिलीज की, जिसमें उनकी जिंदगी से जुड़े कई खुलासे किए गए हैं। आप भी जानिए।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : File Photo
कैप्टन ने नई दिल्ली में सारागढ़ी युद्ध पर आधारित अपनी किताब ‘सारागढ़ी एंड दि डिफेंस ऑफ द समाना फोर्ट्स’ और बायोग्राफी 'कैप्टन अमरिंदर सिंह- दि पीपुल्स महाराजा' रिलीज की। बायोग्राफी के लेखक खुशवंत सिंह हैं। इसमें उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह की निजी जिंदगी और राजनीतिक जीवन से जुड़े कई बड़े खुलासे किए हैं।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
रिलीज के बाद कैप्टन ने बताया कि दो साल पहले कांग्रेस हाईकमान से मतभेद के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी बनाने की सोची थी, लेकिन भाजपा में जाने के बारे में कभी विचार नहीं किया। एक अन्य सवाल पर कैप्टन ने कहा कि उन्होंने 21 खालिस्तानी आतंकियों को सरेंडर करवाने के लिए बात की थी, लेकिन छह महीने में उन्हें मार दिया गया। इसके बाद उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से कभी बात नहीं की, क्योंकि उन्होंने धोखा दिया था।
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पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
लेखक खुशवंत सिंह बताते हैं कि उन्होंने जीवनी में खुलासा किया है कि जब कांग्रेस ने अमृतसर से चुनाव लड़ने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह को कहा था, तब उन्होंने मना कर दिया था। लेकिन जब नई दिल्ली से पटियाला लौटते वक्त फोन पर सोनिया गांधी ने अमरिंदर सिंह से पूछा था, “क्या आप मेरे खातिर यह चुनाव लड़ेंगे?”तब अमरिंदर सिंह ने हामी भर दी थी।
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले प्रियंका गांधी ने भी कैप्टन से अनुरोध किया था, “अंकल, मैं चाहती हूं कि आप अमृतसर से चुनाव लड़ें।” प्रियंका ने तब अपने पिता स्वर्गीय राजीव गांधी और अमरिंदर सिंह की दोस्ती का भावुक याद दिलाई थी। इसके बाद अमरिंदर सिंह ने अमृतसर से न केवल लोकसभा चुनाव लड़ा बल्कि मोदी लहर में उनके खास रहे अरुम जेटली को हराया भी और कांग्रेस को मुस्कुराने का एक बेहतरीन मौका भी दिया।