देश के सबसे बड़े सेना के पुलगांव केंद्रीय आयुध भंडार में लगी आग में हरियाणा के कोसली क्षेत्र के गांव गुड़ियानी के डीएससी के जवान रण सिंह(45) का राजकीय सम्मान के साथ वीरवार को गांव के श्मशान घाट में दाह संस्कार कर दिया गया। दूसरी ओर उनके साथ शहीद हुए नया गांव के सतीश का पार्थिव शव गांव नहीं पहुंच पाया। एक ओर ग्रामीण उनके पार्थिव शव के इंतजार में हैं, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलगांव अग्निकांड: बेटे की शहादत पर गर्व पर छलक उठीं आंखें
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प्रशासन की सूचना के अनुसार शहीद सतीश का शव कल दस बजे के बाद आने कि संभावना है। दोपहर में जैसे ही शहीद रण सिंह का शव गांव में पहुंचा तो परिवार में जहां मातम छाया हुआ था। वहीं उसकी दोनों बेटियों नीतू, सपना व दोनों बेटों संजय और नितेष रो-रोकर बेहाल थे। वहीं उनकी पत्नी गुड्डो देवी वहां उपस्थित लोगों को रोने से रोकते हुए बस यही कह रही थी कि उसके पति ने फर्ज पूरा करते हुए शहादत ली है, इस बात का उसे ताउम्र फक्र रहेगा।
शहीद रण सिंह के अन्तिम संस्कार में कांग्रेस के एससी सैल के प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश डाबला, नरेन्द्र राजौरा ,भुरथला के सरपंच ताराचन्द , पूर्व सरपंच मीनाक्षी देवी, पूर्व प्राचार्य दयानन्द ,कोसली के थाना इन्चार्ज नरेंद्र कुमार सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। शहीद रण सिंह का पार्थिव शरीर गांव गुड़ियानी में आने के बाद से लेकर अंत्येष्टि तक भारत माता के जयकारों से आसमान गूंज उठा।
शहीद रण सिंह के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करने के लिए गांव के अलावा आस पास के गावों से सैकड़ों की तादाद में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। गांव के लोगों ने बताया कि रणसिंह एक मिलनसार व अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने वाले इंसान थे। उनके अंतिम संस्कार में शहीद के साथ आए सूबेदार अनूप गोड़ा ने और प्रशासन की ओर से कोसली के तहसीलदार प्रवीण कुमार ने शहीद को पुष्प अर्पित किए वहीं हरियाणा पुलिस के डीएसपी मो.जमाल के नेतृत्व में पुलिस के जवानों ने मातमी धुन के साथ शस्त्र सलामी दी।