हरियाणा के कैथल का एक किसान अपनी प्रगतिशील सोच की वजह से रविवार को सुर्खियों में आ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में इस किसान का जिक्र किया। दरअसल हम जिस किसान की बात कर रहे हैं, उनका नाम वीरेंद्र यादव है और वे हरियाणा के कैथल जिले के गांव फर्शमाजरा के रहने वाले हैं। खास बात यह है कि वे ऑस्ट्रेलिया से लौटकर देश में प्रगतिशील खेती की अलख जगा रहे हैं।
{"_id":"5fc3ac40b7103174ac401fdf","slug":"progressive-farmer-of-kaithal-mentioned-in-mann-ki-baat-by-pm-modi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"विदेश से लौटकर हरियाणा के किसान ने किया वो कमाल, पीएम मोदी को भी करनी पड़ी तारीफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विदेश से लौटकर हरियाणा के किसान ने किया वो कमाल, पीएम मोदी को भी करनी पड़ी तारीफ
Mon, 30 Nov 2020 11:31 AM IST
निवेदिता वर्मा
नसीब सैनी, अमर उजाला, कैथल (हरियाणा)
नसीब सैनी, अमर उजाला, कैथल (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 30 Nov 2020 11:31 AM IST
विज्ञापन
प्रगतिशील किसान वीरेंद्र यादव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पराली प्रबंधन करते किसान वीरेंद्र यादव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रधानमंत्री ने कुछ यूं दिया वीरेंद्र का परिचय
लोगों के जीवन पर विशेष छाप छोड़ने वाले कृषि उद्यमी श्री वीरेंद्र यादव जी। वे कभी आस्ट्रेलिया में रहा करते थे। दो साल पहले भारत आए और अब हरियाणा के कैथल में रहते हैं। दूसरे किसानों की तरह पराली उनके सामने भी समस्या थी। सॉल्यूशन के लिए व्यापक स्तर पर काम हो रहा है लेकिन आज मन की बात में वीरेंद्र जी का जिक्र इसलिए कर रहा हूं कि उनके प्रयासों से एक नई दिशा मिली है। पराली का समाधान करने के लिए वीरेंद्र जी ने पराली की स्ट्रा बेलर मशीन ली। इसके लिए कृषि विभाग से आर्थिक मदद भी मिली। इसकी मदद से पराली के गट्टे बनाना शुरू कर दिए। उसे एग्रो एनर्जी प्लांट पर बेच दिया।
लोगों के जीवन पर विशेष छाप छोड़ने वाले कृषि उद्यमी श्री वीरेंद्र यादव जी। वे कभी आस्ट्रेलिया में रहा करते थे। दो साल पहले भारत आए और अब हरियाणा के कैथल में रहते हैं। दूसरे किसानों की तरह पराली उनके सामने भी समस्या थी। सॉल्यूशन के लिए व्यापक स्तर पर काम हो रहा है लेकिन आज मन की बात में वीरेंद्र जी का जिक्र इसलिए कर रहा हूं कि उनके प्रयासों से एक नई दिशा मिली है। पराली का समाधान करने के लिए वीरेंद्र जी ने पराली की स्ट्रा बेलर मशीन ली। इसके लिए कृषि विभाग से आर्थिक मदद भी मिली। इसकी मदद से पराली के गट्टे बनाना शुरू कर दिए। उसे एग्रो एनर्जी प्लांट पर बेच दिया।
पराली न जलाने का संदेश देते वीरेंद्र यादव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मोदी ने कहा कि आप जानकर हैरान रह जाएंगे। दो साल में डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार किया है। लगभग पचास लाख रुपये का मुनाफा कमाया है। जिनके खेतों से वीरेंद्र जी पराली उठाते हैं, उन्हें भी लाभ हो रहा है। कचरे से कंचन की बात हमने कई बार सुनी है, लेकिन पराली का निपटारा करके पैसा और पुण्य कमाने का यह अनोखा उदाहरण है। नौजवानों विशेषकर कृषि की पढ़ाई कर रहे लाखों विद्यार्थियों से आग्रह है कि वे आस-पास के गांवों में जाकर किसानों को आधुनिक कृषि के बारे में जागरुक करें। ऐसा करके देश में हो रहे बड़े बदलाव के सहभागी बनें।
विज्ञापन
विज्ञापन
पराली प्रबंधन करते वीरेंद्र यादव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मन की बात में जिक्र आने पर प्रगतिशील किसान वीरेंद्र यादव ने खुशी व्यक्त की और संतोष जाहिर करते हुए कहा कि देश में पराली प्रबंधन करके जहां इसे आय का बहुत बड़ा जरिया बनाया जा सकता है, वहीं हम पर्यावरण संरक्षण करके नैतिक कर्तव्य का भी निर्वहन कर सकते हैं। उनके पास 4 बेलर हैं। पराली प्रबंधन करके काफी संतोष मिला है।
विज्ञापन
प्रगतिशील किसान वीरेंद्र यादव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसी सुजान सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में फसल अवशेष प्रबंधन में जिले का नाम लेना बहुत बड़ी बात है। इस कार्यक्रम को करोड़ों लोग सुनते हैं। कृषि कार्यों में लगे सभी किसानों का फसल अवशेष प्रबंधन के लिए एक प्रेरणा भी मिली है कि वीरेंद्र यादव की तरह वे भी इसे आय का जरिया बना सकते हैं। कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने कहा कि जिले में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए विशेष योजना चलाई गई है, जिसके तहत किसानों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है।