{"_id":"5b1f6bf94f1c1b254d8b5f30","slug":"poonia-murders-relu-ram-punia-and-family-murderer-sanjeev-absconding","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"रिश्तों के कत्ल का खौफनाक सच, बेटी ने ही खत्म कर दी पूरी फैमिली...एक साथ 8 हत्याएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिश्तों के कत्ल का खौफनाक सच, बेटी ने ही खत्म कर दी पूरी फैमिली...एक साथ 8 हत्याएं
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
Updated Sun, 17 Jun 2018 09:53 AM IST
विज्ञापन
रेलू राम पूनिया और परिवार हत्याकांड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हम आपको रिश्तों के कत्ल की वो खौफनाक कहानी याद करा रहे है, जिसमें एक बेटी ने अपने ही मां-बाप, भाई और बच्चों समेत 8 लोगों की हत्या कर दी गई थी। मृतक विधायक रेलूराम पूनिया के भाई ने फैमिली को इंसाफ दिलाने के लिए राम सिंह ने लंबी लड़ाई लड़ी, जिनकी मई 2017 में हिसार-टोहाना रोड पर सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
रेलू राम पूनिया और परिवार हत्याकांड
यह हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। क्योंकि परिवार का हत्यारा, मृतक का दामाद संजीव फरार हो गया है। वह पैरोल पर आया था, लेकिन 14 दिन की समय सीमा खत्म होने के बाद भी वह जेल नहीं लौटा। अब पता चला है कि उसने पुलिस को चकमा दिया है। वह हरियाणा में यमुनानगर के चंगनौली स्थित अपने घर गया ही नहीं।
रेलू राम पूनिया और परिवार हत्याकांड
जानकारी के मुताबिक, संजीव मूल रूप से सहारनपुर का रहने वाला है। उसने संजीव कुमार ने पैरोल एप्लीकेशन में बिलासपुर के गांव चंगनौली का एड्रेस दिया, जबकि वह यहां आया ही नहीं। संजीव ने फरीदाबाद जेल से पैरोल की अर्जी लगाई थी। इसी बीच 18 फरवरी को संजीव उसकी पत्नी सोनिया को कुरुक्षेत्र जेल ट्रांसफर कर दिया गया। मई में संजीव को 14 दिन की पैरोल मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेलू राम पूनिया और परिवार हत्याकांड
कुरुक्षेत्र जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट सुभाषचंद्र के मुताबिक, पैरोल अर्जी में परिजनों से मिलना वजह बताया था। लेकिन चंगनौली में जिस मकान का एड्रेस दिया गया, उसके मालिक बलदेव सिंह बताते हैं कि संजीव की मां कभी कभी यहां पर आती थी। उन्होंने आज तक उन्हें किराया भी नहीं दिया। उनका कहना है कि पिछले चार-पांच माह से संजीव की मां गांव में नहीं आई। अब कमरे पर ताला पड़ा है।
विज्ञापन
रेलू राम पूनिया और परिवार हत्याकांड
गौरतलब है कि 23 अगस्त 2001 को अंबाला के प्रभुवाला गांव में पूर्व विधायक रेलूराम और उनके परिवार के 8 लोगों की हत्या कर दी गई थी। मृतकों में रेलूराम पूनिया के अलावा उनकी पत्नी कृष्णा, बेटे सुनील, बहू शकुंतला, बेटी प्रियंका, 4 साल के पोते लोकेश, ढाई साल की पोती शिवानी और डेढ़ महीने की प्रीति शामिल थे। 31 मई 2004 को सेशन जज की अदालत ने मृतक की बेटी सोनिया और दामाद संजीव को फांसी की सजा सुनाई थी।