अगर आप अपनी बेटी की शादी करने की सोच रहे हैं तो उसकी उम्र 18 साल से कम है तो इन सभी बातों को जरूर जान लिजिए। फायदा ही फायदा होगा।
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शादी, विवाह
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हरियाणा के सिरसा में बाल विवाह का एक मामला सामने आया। इस दौरान शादी रुकवाने के लिए मौके पर पहुंचे पुलिस इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के बारे में लोगों को विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि 18 साल से पहले लड़की की शादी करना कानूनी अपराध है। ऐसा करने पर दो साल तक की सजा हो सकती है। एक लाख रुपए का जुर्माना या फिर दोनों ही सजाएं सुनवा सकता है।
राजेश कुमार ने बताया कि बाल विवाह में किसी भी प्रकार की सहायता करने वाले व्यक्ति को भी ऊपर लिखी सजाएं हो सकती हैं, लेकिन ध्यान रहे कि न्यायालय में ऐसा मामला दायर करने की समय सीमा दो साल है। यह मामला शादी के दो साल के भीतर ही दायर करना जरूरी है। नाबालिग लड़की से शादी रचाने वाले दूल्हे राजा पर पास्को एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
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श्ाादी करने से पहले कर लें पूरी पड़ताल
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साथ ही बाल विवाह कराने वाले, बाल विवाह कराने में सहयोग करने वाले तथा ऐसे शादी समारोह में भाग लेने वाले बाराती पर भी कानून का डंडा चल सकता है। कानून के तहत कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 21 साल व लड़की जिसकी उम्र 18 साल से कम हो तो वह कानूनन शादी नहीं कर सकते हैं। अगर कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की शादी करता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है।
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'जबरन विवाह' रोकने की ट्रेनिंग
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जानिए पूरा मामला: सिरसा की पीर बस्ती में एक नाबालिग को बालिका वधू बनने से महिला पुलिस ने बचा लिया। पुलिस ने परिजनों को बताया कि इसके बाद शादी को लेकर किए गए सारे प्रबंध, धरे के धरे रह गए और बारात को बैरंग लौटना पड़ा। पीर बस्ती में शनिवार को एक शादी थी। किसी जागरूक शख्स ने बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय में फोन करके सूचना दी कि परिवार वाले नाबालिग लड़की की शादी कर रहे हैं।