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10 रुपये का सिक्का जेल करवा सकता है, देखिए काम की खबर वरना पछताएंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 12 Apr 2017 09:19 AM IST
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10 रुपये का सिक्का
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10 रुपये के सिक्के के चक्कर में आपको जेल जाना पड़ सकता है। इसलिए जरूरी देख लीजिए ये बड़े काम की खबर, वरना पछताना पड़ेगा।
10 रुपये का सिक्का
पिछले काफी समय से चंडीगढ़ में 10 रुपये का सिक्का लेने से दुकानदार मना कर रहे हैं। इस बात को लेकर आए दिन लोगों और दुकानदारों में नोकझोंक होती रहती है। ऐसा ही कुछ सड़कों पर देखने को मिलता है, जब ऑटो वाले ने 10 का सिक्का लेने से यह कहते हुए मना कर दिया कि यह तो नकली होता है। बेहतर होगा कि आप नोट दे दें, वरना मेरा नुकसान हो जाएगा।
दस रुपये के सिक्के
पिछले साल दिल्ली, हरियाणा और बिहार में नकली सिक्कों की चार फैक्ट्रियां पकड़ी गईं। खुलासा हुआ कि बड़े पैमानों पर सिक्कों का गोरखधंधा हो रहा है। फिर नकली सिक्कों की वजह से लोगों ने 10 के सिक्कों का लेन-देन बंद कर दिया। बाजार में छोटे दुकानदार और रेहड़ी वाले दस रुपये के सिक्के लेने से इंकार कर रहे हैं। सबसे अधिक समस्या सब्जी मंडी में और ऑटो का इस्तेमाल करने वाले लोगों के साथ आ रही है।
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दस रुपये के सिक्के की पहचान
इस मामले में बात करने पर चंडीगढ़ के एक बैंक अधिकारी ने बताया कि शहर में ही नहीं, देश भर में 10 रुपए के अलग-अलग तरह के सिक्कों को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है। इस पर हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट करते हुए कहा कि बाजार में चल रहा कोई भी सिक्का अमान्य नहीं है और सभी सिक्के चलन में हैं। ये समय-समय पर जारी किए गए अलग-अलग डिजाइनों के सिक्के हैं।
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दस रुपये के सिक्के की पहचान
आरबीआई के मुताबिक, 10 रुपये का सिक्का भारतीय मुद्रा है। इसको लेने से इनकार करने पर राजद्रोह का मामला बनता है और जो ऐसा करता है उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (1) के तहत मामला दर्ज हो सकता है क्योंकि मुद्रा पर भारत सरकार वचन देती है। इसको लेने से इनकार करना राजद्रोह है। आरबीआई ने सभी बैंकों सहित व्यापारिक संगठनों को भी इस बारे में सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं।