फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

100 नंबर पर कॉल करने से पहले अब सावधानी बरतें, वरना ये परेशानी उठानी होगी

Fri, 14 Jul 2017 09:59 AM IST
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 14 Jul 2017 09:59 AM IST
विज्ञापन
police helpline number 100 server may cause problem
100 नंबर पर कॉल
100 नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराने से पहले सावधान रहें अब, वरना ये परेशानी उठानी पड़ेगी। बेहतर होगा कि विकल्प सोच कर रखें।
police helpline number 100 server may cause problem
Mobile User
दरअसल, 100 नंबर पर कॉल कर सभी तरह की शिकायतें दर्ज करवाने की सुविधा कभी भी बैठ सकती है। दरअसल, इमरजेंसी नंबर को संचालित करने वाले सर्वरों की मियाद पूरी हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार 100 नंबर के सर्वर को चलाने वाले उपकरण काफी पुराने हो चुके हैं। इसके बाद इमरजेंसी नंबर के सर्वर पर खतरे की तलवार लटक रही है। 
police helpline number 100 server may cause problem
Mobile User
सितंबर 2009 को 100 नंबर के नए जीपीएसएनेटेड कंट्रोल रूम का उद्घाटन तत्कालीन यूटी प्रशासक एसएफ रोड्रिग्स ने किया था। इसके सर्वरों और अन्य गैजेट्स की मियाद छह साल की थी। 100 नंबर का सर्वर पहले भी यूटी पुलिस की धड़कनें धड़का चुका है। जिसके बाद 18 जून को कुछ मरम्मत कार्य के कारण आपातकालीन संख्या 100 नंबर को पांच से छह मिनट के लिए सेवा से बाहर की गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
police helpline number 100 server may cause problem
मोबाइल यूजर्स
हालांकि, इस मरम्मत से एक दिन पहले पुलिस ने अलग-अलग तरीके से पब्लिक को सूचना देते हुए लैंडलाइन व मोबाइल नंबर जारी किए थे। सूत्रों के अनुसार पुलिस विभाग के पास इस स्थिति से निपटने के लिए कोई वैकल्पिक योजना नहीं है। वहीं इंस्पेक्टर पवनेश कुमार ने दावा किया है कि वे समय-समय पर सर्वर को अपडेट और मरम्मत करते हैं। विभाग को अभी तक इस तरह की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा है। 
विज्ञापन
police helpline number 100 server may cause problem
मोबाइल यूजर्स
पवनेश कुमार ने बताया कि 100 नंबर के अलावा अन्य वैकल्पिक नंबर भी जारी किए गए हैं, जिनके बारे में शायद लोगों को पता नहीं है। ये नंबर हैं- 8283035100, 8283040100, 8283073100, 01722744100, 01722746100। इसके अलावा 5 लाइनों पर चंडीगढ़ पुलिस इमरजेंसी कॉल्स रिसीव करती हैं। यूटी पुलिस कंट्रोल रूम में रोजाना 1500 कॉल्स रिसीव की जाती हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed