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फायदे बता सब कैशलेस करना चाहते हैं मोदी जी, नुकसान भी जान लीजिए

Thu, 08 Dec 2016 09:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 08 Dec 2016 09:57 AM IST
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pm narendra modi wants cashless india, but many disadvantages of online payment system
बैंक के बाहर रुपये के लिए लगी कतार
सरकार ने आदेश जारी किए हैं कि कैशलेस सिटी बनाओ, लेकिन जमीन हकीकत ऐसी है कि जानकर लोगों के पांव तले से जमीन खिसक जाए।
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बैंक के बाहर लगी भीड़
हर साल काफी संख्या में बैंक उपभोक्ता प्लास्टिक मनी और ऑनलाइन ट्रांजक्शन में फ्राड का शिकार हो रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की मदद मिलना और भी दुश्वार है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन साल में चार हजार से ज्यादा शिकायतें पुलिस को मिली हैं और सिर्फ 174 मामले ही पुलिस ने दर्ज किए हैं।
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बैंक के बाहर लगी लंबी कतार
ऐसे में लोगों को कैशलेस व्यवस्था के लिए मजबूर करना उन्हें साइबर अपराधियों के आगे चारे की तरह परोसने जैसा है। ट्राइसिटी में साइबर फ्राड और ऑनलाइन ट्रांजक्शन धोखाधड़ी कैशलेस व्यवस्था में सबसे बड़ी बाधा है। ट्राइसिटी में हर साल काफी संख्या में लोग इसका शिकार बन रहे हैं। इतना ही नहीं, ठगी का शिकार होने के बाद न उन्हें बैंकों से मदद मिलती है और न ही पुलिस से। 
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बैंक के बाहर लगी लंबी कतार - फोटो : amar ujala
साइबर मामलों के एक्सपर्ट राजेश राणा बताते हैं कि सबसे बड़ी जरूरत ऑनलाइन ट्रेडिंग के प्रति सुरक्षा की भावना पैदा करना है। लोग अभी कार्ड से पेमेंट करते हुए डरते हैं, क्योंकि ऑनलाइन फ्रॉड होने पर बैंक व पुलिस दोनों ही अपने हाथ खींच लेते हैं। ऐसे में साइबर सिक्योरिटी कानून को और सख्त बनाना होगा।
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रुपये निकालने के लिए बैंक में लगीं कतारें
राजेश राणा बताते हैं कि अभी अगर आपका बैंक व किसी टेलीक़ॉम कंपनी से डाटा लीक होता है तो इस स्थिति में कोई ऐसा कानून नहीं है कि उस संस्थान के खिलाफ कार्रवाई हो सके। कंपनियां इसका फायदा भी उठाती हैं, मगर ये सब कैशलेस सिस्टम के प्रति लोगों के विश्वास को भी तोड़ता है। एटीएम विंडो एक्सपी पर चल रहे हैं, जो कि दो साल पहले ही बंद हो चुका है। इससे हैकर्स आसानी से एटीएम हैक कर सकते हैं।
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