खराब हो रही आबोहवा को दुरुस्त करने के लिए बीएस6 पेट्रोल और डीजल लाने की तैयारी हो चुकी है। जानिए इसका क्या फायदा होगा और ये सस्ता होगा या महंगा?
तेल निर्माता कंपनियों ने बीएस6 पेट्रोल और डीजल का उत्पादन शुरू कर दिया है। अप्रैल के बाद यह ईंधन चंडीगढ़ के पेट्रोल पंपों पर भी मिलना शुरू हो जाएगा। अभी बीएस4 ईंधन से शहर के वाहन चल रहे हैं। बीएस6 नॉर्म्स का फ्यूल जाहिर तौर पर प्रदूषण पर थोड़ी रोक लगाएगा, क्योंकि यह ईंधन काफी हद तक कार्बन मोनोऑक्साइड को रोकेगा।
अप्रैल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से 13 मेट्रो शहरों में बीएस-6 ईंधन उपलब्ध कराने पर विचार करने को कहा था। देश के इन 13 शहरों में केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ का नाम भी शामिल किया है। बता दें एनजीटी पहले ही शहर में हो रहे वायु प्रदूषण को लेकर यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर चुकी है। एनजीटी के बताए कार्यों को चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (सीपीसीसी) के जरिए नगर निगम करा रहा है।
एनजीटी ने निगम को 31 मार्च तक कामों को पूरा करने का समय दिया है। शहर की आबोहवा शुद्ध हो सके इसको लेकर ही गाड़ियों में बीएस6 ईंधन डाला जाएगा। तेल कंपनियों ने इसको लेकर उत्पादन भी शुरू कर दिया है। तेल कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि अप्रैल तक यह आधुनिक ईंधन शहर के पंपों पर मिलना शुरू हो जाएगा। अभी शहर में बीएस4 ईंधन से ही वाहन चल रहे हैं।
क्या है बीएस-6
बीएस का अर्थ भारत स्टेज है। यह वायु प्रदूषण फैलाने वाले मोटर वाहनों सहित सभी इंजन वाले उपकरणों के लिए मानक के रूप में तय किया गया है। बताया जा रहा है कि बीएस6 ग्रेड के ईंधन से प्रदूषण में कमी होगी।