पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड जारी है। लोग इससे बचने के लिए कई तरह के उपाय कर रहे हैं। लेकिन एक छोटी सी गलती लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। अगर थोड़ी सावधानी बरती जाए तो इन हादसों से बचा जा सकता है। ठंड से बचने के लिए लोग अंगीठी का सहारा लेते हैं लेकिन कई बार ये मौत का कारण भी बन जाती है। पंजाब और हरियाणा में ठंड के इसी सीजन में 11 लोगों की जान अंगीठी की वजह से चली गई ।
11 की मौत: जानलेवा साबित हो रहा ठंड से बचने का यह तरीका, कहीं आप भी तो नहीं करते हैं यह उपाय
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केस-1 पंजाब के मोहाली में बुधवार यानि 1 जनवरी 2020 को न्यू ईयर पार्टी में कैटरिंग के लिए आए चार लोगों की मौत हो गई। ये चारों युवक पार्टी के बाद सर्वेंट क्वार्टर में अंगीठी जलाकर सो रहे थे। मृतकों की पहचान धर्मपाल सिंह (25), अमित (20) और रजनीश (17) गांव कांसल व द्वारिका (30) के रूप में हुई है। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद धुंध और ठंड अधिक देखकर चारों लोग घर जाने की बजाय कोठी में बने सर्वेंट क्वार्टर में ही रुक गए थे। इस दौरान इन्होंने वहां पर अंगीठी जलाकर रख ली और सो गए। सुबह व्यापारी के किसी मुलाजिम ने वहां पर जाकर देखा तो चारों कमरे में बेसुध पड़े थे। चारों को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
केस-2 लुधियाना के सुभाष नगर में ठंड से बचने के लिए एक परिवार ने कमरे में अंगीठी जलाई। इसके बाद परिवार सो गया। दम घुटने से दो बच्चों की मौत हो गई। हादसे में बच्चों के माता-पिता और दो रिश्तेदार भी जहरीली गैस से बेहोश हो गए थे। पुलिस ने सभी को सिविल अस्पताल पहुंचाया। यहां सौरव कुमार (10) और गौरव कुमार (12) को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। घटना की जानकारी 24 दिसंबर की सुबह हुई, जब पड़ोसी परिवार को जगाने आए।
केस-3 अंगीठी की गैस से चाचा-भतीजे की भी जान ले ली। घटना पंजाब के राजपुरा में 28 दिसंबर को हुई। यहां भी अंगीठी एक परिवार के लिए काल बन गई थी। राजपुरा के मस्जिद कालोनी में एक ही परिवार के चार लोग ठंड से बचाव के लिए अंगीठी जलाकर सो थे। अगली सुबह नजदीकी लोगों ने शोर-शराबा सुनकर मौके पर पहुंचे तो देखा कि उनमें दो की मौत हो चुकी थी। वहीं दो लोगों की हालत गंभीर थी। मृतक और पीड़ित सभी उत्तर प्रदेश के शामली जिले के रहने वाले थे।
केस-4 हरियाणा के सोनीपत में भी मां-बेटी की जिंदगी अंगीठी के धुंए ने लील लिया। कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सोई महिला और एक साल की बेटी की मौत सोमवार यानि 30 दिसंबर को हो गई। काम से वापस लौटे पति ने जब दोनों को बेसुध पाया तो उन्हें लेकर हॉस्पिटल गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका मूलरूप से बिहार की रहने वाली थीं। मृतक अपने पति के साथ 25 दिन पहली ही सोनीपत आई थी। अंगीठी की आग ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया।