भारत-पाक सरहद के समीप स्थित बाबा रहमतशाह बुर्जीवाला पीर की मजार पर वार्षिक मेला धूमधाम से शुरू हो गया। यहां पाकिस्तानी श्रद्धालु को आने की इजाजत नहीं है। सीमा सुरक्षा बल के जवानों व पंजाब पुलिस द्वारा की गई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लगाया गया। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पीर की मजार पर जाकर शीश निवाया। यह मजार भारत पाक को विभाजित करने वाली लकीर से मात्र 20 फुट भारत की ओर है। यहां से पाकिस्तान की फकीरा चौकी नजदीक पड़ती है।
पीर का दर, जहां पाकिस्तानी श्रद्धालुओं को आने की इजाजत नहीं, तस्वीरें
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पंजाब के फाजिल्का (फिरोजपुर) सीमावर्ती गांव वल्लेशाह उताड़ से कुछ दूरी पर स्थित गुलाबा भैणी के समीप बुर्जी नंबर 244 व तार-बंदी के पास स्थित इस पीर बाबा मजार पर हर साल वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है। मजार के सेवादार केहर सिंह के अनुसार 30 से 35 हजार के बीच श्रद्धालु अब तक पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त कर चुके हैं।
हालांकि पाकिस्तान के श्रद्धालु भी बाबा के मजार पर माथा टेकते हैं लेकिन 30 मीटर की दूरी से। यानि पाकिस्तान स्थित अपने इलाके में रहकर उन्हें शीश निवाना पड़ता है। दरअसल विभाजन से पहले यहां बहुत भारी मेला लगता था। विभाजन के बाद भी तार-बंदी से पहले पाक श्रद्धालु माथा टेकने आते रहे हैं। 1990 में तार-बंदी के बाद पाक श्रद्धालुओं का खुलेआम यहां आना बंद हो गया।
हालांकि ऐसी व्यवस्था दोनों देशों द्वारा की गई थी कि एक समय निश्चित समय में पाक श्रद्धालुओं को शीश निवाने के लिए यहां आने का समय दिया जाता था। लेकिन अब सुरक्षा व्यवस्था के चलते भारत द्वारा सख्ती की गई है। मेला प्रबंध कर रहे बीएसएफके कार्यकारी कमांडेंट अजय कुमार, डिप्टी कमांडेंट राकेश ठाकुर, सहायक कमांडेंट अमित कुमार ने सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेने के बाद मजार पर जाकर सिजदा किया।
कमांडेंट अजय कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गेट को एक सप्ताह पहले ही खोल दिया गया था। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीमा सुरक्षा बल के जवानों के साथ साथ महिला कर्मचारियों को भी लगाया गया है। सदर थाना प्रभारी जगदीश कुमार के नेतृत्व में पंजाब पुलिस के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात रहे।