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500 रुपये में खुलेआम बिक रही सेना की वर्दी, खरीदेंगे क्या?

Thu, 07 Jan 2016 10:15 AM IST
जितेंद्र शर्मा,/अमर उजाला, पठानकोट(पंजाब)
जितेंद्र शर्मा,/अमर उजाला, पठानकोट(पंजाब) Updated Thu, 07 Jan 2016 10:15 AM IST
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500 रुपये में खुलेआम बिक रही सेना की वर्दी, खरीदेंगे क्या?

pathankot terror attack: Army uniforms selling openly

सैनिक बनने के लिए बाजार से 500 रुपये में सेना की वर्दी खरीदिए वो भी बेरोकटोक। ऐसा तब है, जब पठानकोट में आतंकी हमले को अंजाम देने वाले सेना की वर्दी में थे। -रिपोर्ट/जितेंद्र शर्मा, पठानकोट।

500 रुपये में खुलेआम बिक रही सेना की वर्दी, खरीदेंगे क्या?

pathankot terror attack: Army uniforms selling openly

सेना की वर्दी पहने आतंकी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं इसके बावजूद सेना की खुलेआम बिक्री बंद नहीं की जा रही है। पठानकोट प्रशासन की ओर से इसपर प्रतिबंध लगाया तो गया है लेकिन इसका असर कहीं नहीं दिखाई दे रहा है। हीरानगर आतंकी हमला हो या दीनानगर आतंकी हमला या एयरबेस पर हमला हर बार आतंकियों ने हमला करने के लिए सेना की वर्दी का ही सहारा लिया। ऐसे में इसकी बिक्री पर रोक लगाना जरूरी है।

500 रुपये में खुलेआम बिक रही सेना की वर्दी, खरीदेंगे क्या?

pathankot terror attack: Army uniforms selling openly

रेलवे रोड पर सेना की वर्दी बेचने वाली दुकानों की भरमार है। वाल्मीकि चौक से लेकर पठानकोट बस स्टैंड तक करीब 15-20 दुकानें एक ही कतार में हैं। इन दुकानों पर ग्राहकों के पहचान पत्र देखे बिना ही 400 से 500 रुपये में सेना की वर्दी बेच दी जाती है। कई दुकानों पर वर्दी की सिलाई की सुविधा भी दी जाती है। इसके अलावा यहां सेना की वर्दी के अन्य सामान टोपी, जूते, दस्ताने, जुराबें, जैकेट भी आसानी से मिल जाती हैं।

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pathankot terror attack: Army uniforms selling openly

आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए आतंकवादी सेना की वर्दी को ही क्यों चुनते हैं इसके पीछे कारण है कि पुलिस नाकों, चेक पोस्टों और सेना के जवानों की चेकिंग नहीं की जाती। कई पुलिस नाकों, चेकपोस्टों व सार्वजनिक स्थलों पर तैनात पुलिसकर्मी सेना के वाहनों और जवानों की चेकिंग नहीं करते हैं। सेना ही नहीं नाकों पर तैनात पुलिसकर्मी अपने विभाग के वाहनों की भी जांच नहीं करते हैं।

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pathankot terror attack: Army uniforms selling openly

सूत्रों के अनुसार दुकानों पर सेना की वर्दी बेचना प्रतिबंधित है लेकिन खुलेआम इन्हें बेचा जा रहा है। वहीं, पठानकोट के डीसी सुखविंदर सिंह ने बताया कि सेना की वर्दी बेचने वाली जिले में कितनी प्राधिकृत दुकानें हैं यह जानकारी पुलिस विभाग के पास है। उनके पास इसकी जानकारी नहीं है।

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