फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बच्चों को न छोड़ें कार्टून के भरोसे, एक्सपर्ट्स ने बताए अच्छी परवरिश के टिप्स, देखिए

Thu, 25 Jan 2018 09:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 25 Jan 2018 09:40 AM IST
विज्ञापन
Parvarish ki pathshala, amarujala series story 3
Angry Student - फोटो : File Photo
चंचल मन हर पल नई करवट लेता है। कभी खुद से व्यवहार बदलता है, तो कभी अभिभावक ऐसा माहौल बनाते हैं। बदलाव जिंदगी का पहलु है, लेकिन इस बात को समझने और ध्यान रखने की जरूरत है कि बच्चा गलत ट्रैक पर ना चले पड़े। समझें इन पहलुओं को. . .
Parvarish ki pathshala, amarujala series story 3
Child watching TV - फोटो : File Photo
1. चार साल की उम्र में पता चलता है बदलाव
मनोचिकित्सक डा. प्रमोद कुमार के मुताबिक चार साल की उम्र में व्यवहार में बदलाव आना शुरू होता है और ऐसे में ध्यान देने की जरूरत है कि बच्चा किस तरफ बढ़ रहा है। बच्चा जिद्द कर रहा है या ज्यादा मनचला है यह समझने की जरूरत है। अक्सर कुछ लोग इसे बचपन समझकर अनदेखा करते हैं और यहीं से गलती का दौर शुरू होता है। जिन बच्चों का खराब व्यवहार पकड़ में आने के बाद भी ना सुधारा जाए, अक्सर वे आठवीं कक्षा तक आकर एंटी सोशल हो जाते हैं। एंटी सोशल होने के चांस उन बच्चों में ज्यादा होते हैं, जो अकेलापन झेलते हैं। इसका सबसे स्टीक उपाय है कि बच्चों को वक्त दें, उनसे बात करें। अपनी बात समझाएं और उनकी बातें सुने।
Parvarish ki pathshala, amarujala series story 3
Child watching TV - फोटो : File Photo
2. कार्टून के करेक्टर बच्चों को बना रहे वायलेंट
जीएमएसएसएस सेक्टर-20 की शिक्षिका अमनदीप कौर के मुताबिक कार्टून करेक्टर बच्चों पर बेहद बुरा असर छोड़ रहे हैं। बच्चे जिस तरह कार्टून में वायलेंस देखते हैं, वैसी ही हरकतें करने लगते हैं। ऐसे में बच्चों में ना सुनने की क्षमता नहीं रह जाती। वे अपनी मांग पूरी करवाने के लिए कुछ कर गुजरते हैं। यह समस्या धीरे-धीरे गंभीर और ज्यादा खतरनाक हो जाती है। इसमें गलती मां-बाप की है। क्योंकि बचपन में ही बच्चों को टीवी के आगे बैठा देते हैं और कार्टून देखने का आदि बना देते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Parvarish ki pathshala, amarujala series story 3
Child watching TV
परवरिश के कुछ टिप्स
1. अभिभावक बच्च्चों को क्वालिटी टाइम दें।
2. सिर्फ पढ़ाई नहीं, नैतिक मुल्यों पर भी बात करें।
3. रोल माडल सेलिब्रिटी के अलावा कोई और होना चाहिए।
4. मोबाइल, गैजेट्स से स्कूल स्तर तक दूर रखें।
विज्ञापन
Parvarish ki pathshala, amarujala series story 3
परवरिश की पाठशाला
परवरिश के कुछ टिप्स
5. टेलेंट की पहचान कर उसे उभारें।
6. टीचर कोई कमी बताए तो उसे स्वीकार करें।
7. बच्चों में पैसे की धमक ना जमाए।
8. शिक्षण प्रणाली में सुधार करने की जरूरत।
9. व्यवहार के बदलाव को बचपन की शरारत ना समझें।
10. घर का माहौल संस्कारी बनाएं। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed