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हाथ में अंगूठा न होने से लटका 200 लोगों का राशन, खायेंगे क्या?

Thu, 06 Jul 2017 09:14 AM IST
विनीत पांडेय/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
विनीत पांडेय/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा) Updated Thu, 06 Jul 2017 09:14 AM IST
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online ration card verification scheme problem for leprosy patients
राशन डिपो
हाथ में अंगूठा न होने की वजह से 200 लोगों का राशन लटक गया, अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही बतायें की अगर राशन नहीं मिला तो वे खायेंगे क्या?
online ration card verification scheme problem for leprosy patients
राशन डिपो
दरअसल, देश में बढ़ती ऑनलाइन प्रक्रिया जहां आम लोगों की जिंदगी को आसान बना रही है, वहीं कुष्ठ रोगियों के लिए बड़ी समस्या बनकर उभरी है। अंगूठा नहीं होने के कारण ऐसे लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है। इसका समाधान फिलहाल तो सरकार के पास भी नजर नहीं आ रहा है।
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राशन डिपो
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के विभाग ने जून महीने से राशन वितरण प्रणाली को ऑनलाइन शुरू कर सभी राशन कार्ड को आधारकार्ड से जोड़ दिया है। उपभोक्ताओं को अब अंगूठा लगाने के बाद ही राशन मिलेगा, लेकिन विभाग की यह योजना हरियाणा के करनाल जिले में हांसी रोड पर बसे कुष्ठ रोगियों के गांव इंद्रा चक्रवर्ती में मुसीबत बनी हुई है।
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राशन डिपो
वर्ष 1969 में कुष्ठ रोगियों के लिए यह इंद्रा चक्रवर्ती गांव बसाया गया था। गांव में इस समय 65 परिवारों के करीब 200 सदस्य रह रहे हैं। सभी परिवार के मुखिया कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं और राशन कार्ड में उन्हीं के नाम हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत राशन लेने के लिए हाथ के अंगूठे का निशान देना होता है, लेकिन कुष्ठ रोग से पीड़ित होने के कारण यहां के लोगों के हाथ में अंगुलियां व अंगूठे हैं ही नहीं।
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राशन डिपो
ऐसे में वे राशन कार्ड धारक होते हुए भी राशन नहीं ले पा रहे हैं। समस्या के संबंध में ग्रामीण यशराज, कल्लू राय, अंटी महाराणा, कामेश्वर राव, तिलक धारी, तुलसी राव, अकबर मियां और डिपो होल्डर जोगिंद्र डीएफएससी के पास भी पहुंचे, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। इसलिए विभाग ने उच्च अधिकारियों के साथ ऑनलाइन प्रक्रिया का सॉफ्टवेयर विकसित करने वाली कंपनी को अवगत कराया।
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