भारतीय सेना का सबसे बड़ा बेस कैंप अब तबाह नहीं हो सकेगा, क्योंकि इसको लेकर बेहद अहम फैसला लिया गया है। आप भी जान लीजिए पूरा माजरा।
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Indian army
- फोटो : File Photo
दरअसल, कई वर्षों की जद्दोजहद के बाद आखिरकार पटियाला कोर्ट केआदेश पर पंजाब ने हरियाणा बार्डर पर टांगरी नदी के खतरनाक घुमाव की मरम्मत शुरू कर दी है। हरियाणा में एंट्री करते ही इस नदी से उत्तर भारत के सबसे बड़े आर्मी बेस कैंप अंबाला कैंटोनमेंट को हमेशा बाढ़ का खतरा बना रहता है, जबकि कई बार इस आर्मी बेस कैंप ने बाढ़ की जबरदस्त मार भी झेली है।
उल्लेखनीय है कि टांगरी नदी हिमाचल में शिवालिक की पहाड़ियों से निकलती है और हरियाणा के विभिन्न जिलों से होती हुई घग्गर नदी में ही मिल जाती है। हिमाचल से वाया पंजाब यह नदी झूठो का नगला (अंबाला) क्षेत्र से हरियाणा में एंट्री करती है। एंट्री करते ही अंबाला आर्मी बेस कैंप शुरू हो जाता है। यह बेस कैंप बेहद महत्वपूर्ण है।
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क्योंकि वेस्टर्न कमांड के कई अहम कोर, कई महत्वपूर्ण यूनिटें और कुछ अति महत्वपूर्ण हेडक्वार्टर्स यहां मौजूद है, लेकिन यह सारा सैन्य इलाका इसी नदी की वजह से हमेशा बाढ़ की जद में रहता है। इस नदी की वजह से वर्ष 1999, 2004, 2010 में तो इस क्षेत्र में जबरदस्त बाढ़ के हालात झेले। जर्जर बांध की वजह से नदी बहुत जल्द ओवरफ्लो हो जाती है और सारा इलाका डूब जाता है। आर्मी को इससे काफी नुकसान हो चुका है।
यह मामला सेना जनवरी 2014 में आपदा प्रबंधन कमेटी की बैठक में सीएम हरियाणा के समक्ष भी उठा चुकी है। सेना समर्थित याचिकाकर्ता फेडरेशन ऑफ वेलफेयर सोसाइटीज एंड एसोसिएशन के चेयरमैन व रिटायर्ड कर्नल सतनाम ने बताया कि कई बार पंजाब सरकार के समक्ष यह मसला उठाया गया, लेकिन जब कोई लाभ नहीं हुआ तो पटियाला कोर्ट में याचिका दायर की गई।