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रोहतक में एक युवती के साथ 'निर्भया' जैसा कांड पहले भी हो चुका है, देखिए
amarujala.com- presented by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 16 May 2017 09:13 AM IST
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रोहतक गैंगरेप
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रोहतक में 'निर्भया' जैसा दरिंदगी और हैवानियत से भरा कांड एक बार पहले भी हो चुका है। 8 नोचने वाले और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट रौंगटे खड़े कर देने वाली थी।
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रोहतक से 01 फरवरी 2015 को लापता नेपाली युवती का नग्न अवस्था में शव चार फरवरी को बहुअकबरपुर गांव के खेतों में मिला था। पोस्टमार्टम के दौरान खुलासा हुआ कि युवती से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन भी किया गया था। बाद में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि एक आरोपी ने दिल्ली में आत्महत्या कर ली थी।
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पोस्टमार्टम करने वाले पीजीआई के फोरेंसिक विभाग के चिकित्सकों ने मृतका के भीतर से 15.5 सेमी लंबा, 3.8 सेमी चौड़ा कलमनुमा एस्बेस्टस शीट का पत्थर निकाला है। पत्थर बच्चादानी को फाड़ आंतों में फंसा मिला। युवती की बड़ी आंत भी फटी हुई थी। रेप के बाद अप्राकृतिक यौनाचार का शिकार हुई युवती के मलद्वार में भी पत्थर मिला था। यह पोस्टमार्टम भी राज्य सरकार के फोरेंसिक सलाहकार डॉ. एस. के. धत्तरवाल ने ही किया था।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये भी खुलासा हुआ कि नेपाली युवती की मौत 2 से 3 दिन पहले हुई। (4 फरवरी को शव मिलने से पहले)। मौत का कारण सिर पर चोटें, गुप्तांगों पर चोट और आंतों में लगी गंभीर चोटें बनीं। चोटों के कारण युवती की उसी समय मौत हो गई। मलद्वार में भी 13 सेमी लंबा और 3 सेमी चौड़ा सीधा पत्थर फंसा हुआ मिला। शरीर में रक्त रंजित निरोध भी मिला था।
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आठ आरोपी थे- पवन, मनबीर, पदम उर्फ प्रमोद, संतोष नेपाली, सरवर उर्फ बिल्लू, सुनील उर्फ शीलू, सुनील उर्फ मड्ढा, राजेश उर्फ घूचडू। मामले में 9वें आरोपी सोमबीर ने पकड़े जाने के डर से आत्महत्या कर ली थी। आरोपियों में एक नाबालिग नेपाली युवक भी शामिल था। इस नेपाली युवक को 9 जुलाई को नाबालिग करार दे दिया था। कोर्ट के आदेश आते ही नाबालिग को बाल सुधार गृह में भेज दिया गया।