फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

10 सेकेंड में किया था एक कारनामा और रच दिया इतिहास, दुनिया में सराही गई

Sun, 29 Jan 2017 11:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Sun, 29 Jan 2017 11:46 AM IST
विज्ञापन
olympian wrestler sakshi malik got padamshree award for success, untold story and life profile
ओलंपियन पहलवान साक्षी मलिक
10-10 घंटे प्रैक्टिस करती थीं और फिर एक दिन 10 सेकेंड में ही ऐसे बाजी पलट दी कि इतिहास बन गया। इसके लिए दुनिया भर में उनकी सराहना की गई।
olympian wrestler sakshi malik got padamshree award for success, untold story and life profile
पहलवान साक्षी मलिक
बात हो रही है, रियो ओलंपिक में देश को पहलवानी में पहला मेडल दिलाने वाली साक्षी मलिक की। इनके लिए साक्षी मलिक ने पद्मश्री अवार्ड की घोषणा की है। इस ऐलान से साक्षी मलिक बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि इस अवॉर्ड के बारे में कभी नहीं सोचा था। वह अर्जुन अवार्ड और खेल रत्न के बारे में ही सोचती थीं। अब देश का इतना बड़ा सम्मान उन्हें मिलने जा रहा है तो बेहद खुशी हुई है, लेकिन हैरानी नहीं है।
olympian wrestler sakshi malik got padamshree award for success, untold story and life profile
sakshi malik
साक्षी मलिक कहती हैं कि उन्होंने जो मेहनत की है, उसका फल अब मिल रहा है और अभी तो ओर मेहनत करनी है। अभी तो मुझे पदम भूषण और पदम विभूषण भी लेना है। सा​थ ही अब लक्ष्य अगले साल एशियन व कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल करना है। टोकयो ओलंपिक में देश को पदक दिलाना है। पद्मश्री मिलने की घोषणा के बाद से साक्षी मलिक के परिवार में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
olympian wrestler sakshi malik got padamshree award for success, untold story and life profile
ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक
साक्षी मलिक कहती हैं कि मेरा मेडल बताएगा कि लड़की क्या कुछ नहीं कर सकती। जब मैं कर सकती हूं, तो कोई भी लड़की कर सकती है। मुझे लगता है कि हरियाणा में अब मां-बाप अपनी बेटियों की अहमियत, उसकी काबिलियत पर ऐतबार करेंगे, उसे तवज्जो देंगे। बेटियों को आगे बढ़ाएंगे। पढ़ाई में, खेल में, समाज के हर क्षेत्र में बेटियों को बढ़ावा मिले, इसके लिए मैं हर फोरम से आवाज उठाने को तैयार हूं।
विज्ञापन
olympian wrestler sakshi malik got padamshree award for success, untold story and life profile
ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक
पहलवान साक्षी मलिक का सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा है। साक्षी का जन्म 3 सितंबर 1992 को रोहतक जिले में मोखरा गांव में हुआ। बचपन गांव में ही बीता। मां सुदेश मलिक की आंगनवाड़ी और पिता सुखबीर मलिक की दिल्ली में कंडक्टर की नौकरी थी। साक्षी के दादा बदलूराम इलाके के मशहूर पहलवान थे। 7 साल तक दादा के पास रहने के बाद साक्षी अपनी मां के पास लौट गईं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed