500 और 1000 के नोट बंद होने से विदेशी तीर्थ यात्रियों को भी बैंकों की ओर से रुख करना पड़ा। बांग्लादेश से कुरुक्षेत्र आए तीर्थयात्रियों के पास चलने लायक नोट नहीं बचे। ऐसे में पूजा सामग्री तक खरीदने के लिए उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। ऐसे में 60 तीर्थ यात्री अपने पासपोर्ट लेकर नोट बदलवाने के लिए बैंक पहुंचे। लेकिन इनमें से कुछ के नोट बदल गए और कुछ का नंबर आने तक कैश खत्म होने की बात कह दी गई है। हालांकि कुछ देर इंतजार के बाद सभी के नोट बदल दिए गए।
ब्रह्मसरोवर और अन्य तीर्थ स्थलों के भ्रमण पर बांग्लादेश से 60 लोगों का जत्था कुरुक्षेत्र आया है। इनमें से कई महिलाएं भी शामिल हैं। बताया जाता है कि इन तीर्थयात्रियों के पास शनिवार से खर्च करने लायक भी पैसा नहीं बचा था। दुकानदारों ने इन लोगों से 500 और एक हजार के नोट लेने से भी इनकार कर दिया था। ऐसे में इन लोगों के पास न खाने के लिए पर्याप्त पैसा बचा था और न ही पूजा सामग्री ही खरीदने के लिए ज्यादा रकम थी।
बांग्लादेशी एक युवक ने बताया कि कई दुकानदारों से नोट बदलने के लिए कहा लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। फिर किसी ने बताया कि बैंकों में जाकर अपनी आईडी के जरिये नोट बदले जा रहे हैं। लेकिन हमारे पास भारत की कोई आईडी नहीं होने से संशय बना रहा। फिर किसी ने बताया कि पासपोर्ट दिखा कर भी नोट बदलने जा सकते हैं। इसके बाद हम यहां बैंक में आए हैं।
महिलाएं पुरुष सभी आए नोट बदलाने- रेलवे रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के बाहर दोपहर करीब साढ़े 12 बजे लंबी लाइन में बांग्लादेशी तीर्थयात्री भी लगे हुए थे। इनके साथ आए महिलाएं भी अपनी बारी के इंतजार में बैंक के बाहर बैठी रही। बताया जाता है कि इनमें से करीब 20 लोगों के नोट बदलने के बाद ही कैश खत्म होने की बात कही गई। इससे एक बारगी शेष लोगों में घबराहट भी रही। लेकिन बताया गया कि कुछ देर में फिर से कैश आ जाएगा। ऐसे में यह लोग लाइन में ही लगे रहे। दोपहर दो बजे तक इन सभी के नोट बदल दिए गए थे। इन तीर्थ यात्रियों को भी केवल चार-चार हजार रुपये ही बदलकर दिए गए।
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विदेशी हुए परेशान
- फोटो : social media
खुफिया एजेंसी भी रही सतर्क- जब तक बांग्लादेशी तीर्थयात्री लाइन में लगे रहे। पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। बैंक के सुरक्षा गार्ड के अलावा कुछ पुलिसकर्मी भी यहां मौजूद थे। इसके अलावा खुफिया तंत्र से जुड़ी कर्मचारी भी बैंक के आसपास मंडराते रहे।