फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

नवरात्रि 2017 स्पेशल: 40 दिन तक रोज देखें 'मां का मस्तक', हर मनोकामना पूरी होगी

Fri, 22 Sep 2017 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 22 Sep 2017 09:09 AM IST
विज्ञापन
navratri 2017, mata mansa devi mandir
मनसा देवी मंदिर पंचकूला
नवरात्रि 2017 में 40 दिन तक रोज भक्तजन अगर 'मां का मस्तक' देखेंगे तो उनकी हर मनोकामना पूरी हो जाएगी। जानिए ऐसी ही कुछ और खास बातें।
navratri 2017, mata mansa devi mandir
माता मनसा देवी - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, नवरात्रि 2017 के मौके पर हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं, जहां मां का मस्तक विराजमान है और मान्यता है कि यहां 40 दिन तक रोज आने से हर मनोकामना पूरी होती है। ये मंदिर है माता मनसा देवी मंदिर। मां मनसा देवी नौ देवियों में से एक हैं। यह 51 शक्तिपीठों में से भी एक है। कहा जाता है कि यहां मां का मस्तक गिरा था। 100 एकड़ में फैला माता मनसा देवी का मंदिर चंडीगढ़ के समीप पंचकूला में है।
navratri 2017, mata mansa devi mandir
माता मनसा देवी
मंदिर के विकास के लिए सरकार द्वारा श्रीमाता मनसा देवी पूजास्थल बोर्ड की स्थापना कर दी गई है, जोकि मंदिर का रख-रखाव कर रहा है। मान्यता है कि जब माता पार्वती अपने पिता हिमालय के राजा दक्ष के घर अश्वमेध यज्ञ में बिना बुलाए चली गई, तो किसी ने उनका सत्कार नहीं किया तो उन्होंने अपने आप को यज्ञ में अग्नि में होम कर दिया। इस बात का पता चलते ही भगवान शिव यज्ञ स्थान पर पहुंचकर सती का शरीर लेकर तांडव नृत्य करते हुए में भटकने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
navratri 2017, mata mansa devi mandir
मनसा देवी मंदिर पंचकूला
भगवान शिव का उग्र रूप देखकर देवताओं को चिंता हुई, तो भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को खंड-खंड कर दिया। जिसके बाद कई जगहों पर सती के शरीर के अंग गिरे, वहीं शक्तिपीठों की स्थापना हुई। देवी के सिर का हिस्सा गिरने से मनसा देवी शक्तिपीठ की स्थापना हुई और लोग यहां दर्शन के लिए आने लगे। मनसा देवी मंदिर चंडीगढ़ से 10 किलोमीटर और हरियाणा के पंचकूला से 4 किलोमीटर दूर है। लोकल बसें और ऑटो रिक्शा से आसानी यहां पहुंचा जा सकता है।
विज्ञापन
navratri 2017, mata mansa devi mandir
मनसा देवी मंदिर पंचकूला
नवरात्रि के दौरान यहां जाने के लिए विशेष बसें चलाई जाती हैं। ये चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से भी काफी करीब है। मनसा देवी का मंदिर पहले मां सती के मंदिर के नाम से जाना जाता था। मान्यता है कि मनीमाजरा के राजा गोपालदास ने अपने किले से मंदिर तक एक गुफा बनाई हुई थी, जो लगभग 3 किलोमीटर लंबी है। वे रोज इसी गुफा से मां सती के दर्शन के लिए अपनी रानी के साथ जाते थे। जब तक राजा दर्शन नहीं नहीं करते थे, तब तक मंदिर के कपाट नहीं खुलते थे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed