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सिद्धू को मिली नई पहचान: किक्रेटर, कमेंटेटर के बाद अब क्लर्क बने, तीन माह नहीं मिलेगा मेहनताना, ऐसी होगी जेल की डाइट

Thu, 26 May 2022 08:41 PM IST
ajay kumar रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 26 May 2022 08:41 PM IST
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Navjot Singh Sidhu becomes clerk in Patiala Jail
नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : फाइल

पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू किक्रेटर, कमेंटेटर के बाद अब क्लर्क बन गए हैं। 34 साल पुराने रोड रेज मामले में पटियाला की सेंट्रल जेल में बंद सिद्धू को पटियाला जेल के दफ्तर का क्लरिकल काम सौंपा गया है। जेल में सुरक्षा के लिहाज से सिद्धू के लिए यह फैसला लिया गया है। खास बात यह है कि भले ही सुप्रीम कोर्ट की ओर से सिद्धू को एक वर्ष के लिए सश्रम कैद की सजा सुनाई गई है लेकिन जेल विभाग ने उनसे पूरी सजा के दौरान क्लरिकल काम लेने का ही फैसला लिया है। 

Navjot Singh Sidhu becomes clerk in Patiala Jail
नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : अमर उजाला

जेल अधीक्षक मनजीत सिंह टिवाणा ने कहा कि सिद्धू पढ़े-लिखे तो हैं ही और साथ ही जेल में उनकी सुरक्षा को लेकर किसी तरह का कोई खतरा मोल नहीं लिया जा सकता है। इसलिए यह फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के सजा सुनाने के बाद सिद्धू ने 20 मई को पटियाला की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। तब से वह पटियाला जेल की बैरक नंबर 10 में बंद हैं।

Navjot Singh Sidhu becomes clerk in Patiala Jail
नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : अमर उजाला

पहले माना जा रहा था कि सिद्धू को जेल की फैक्टरी में बिस्कुट या फिर फर्नीचर बनाने का काम दिया जा सकता है लेकिन सिद्धू की सुरक्षा को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब जेल में सिद्धू को वहां के दफ्तर का क्लरिकल काम सौंपा गया है। इस काम के लिए सिद्धू को रोजाना अपनी बैरक से जेल दफ्तर आना-जाना नहीं पड़ेगा। 

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Navjot Singh Sidhu becomes clerk in Patiala Jail
नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : फाइल

जेल विभाग ने सिद्धू की सुरक्षा के मद्देनजर फैसला लिया है कि दफ्तर की फाइलें सिद्धू के बैरक नंबर 10 में ही पहुंचा दी जाएंगी। जहां वह अपना काम सुविधा के हिसाब से कर सकेंगे। क्लरिकल काम के लिए घंटे तय नहीं किए गए हैं। सिद्धू अपनी सुविधा के अनुसार सुबह नौ से शाम पांच बजे के बीच किसी भी समय दफ्तर की फाइलें देख सकेंगे। इस दौरान सिद्धू जब चाहे आराम और अन्य गतिविधियां भी कर सकते हैं।

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Navjot Singh Sidhu becomes clerk in Patiala Jail
नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : फाइल

जेल अधीक्षक मनजीत सिंह टिवाणा ने बताया कि जेल नियमों के मुताबिक सिद्धू को फिलहाल अकुशल मानते हुए उनका शुरुआत के तीन महीने काम करना प्रशिक्षण के तौर पर माना जाएगा। इसलिए बदले में सिद्धू को तनख्वाह नहीं मिलेगी। तीन माह के बाद जो मेहनताना उस समय का होगा, उसके मुताबिक भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिद्धू जेल प्रशासन को पूरा सहयोग दे रहे हैं। वह जेल नियमों के मुताबिक मिलने वाली दाल-रोटी की जगह जेल की कैंटीन से सब्जी इत्यादि खरीदकर उनका सेवन कर रहे हैं।

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