अपनी दो बेटियों को 'शक्ति' दिलाने निकली थी, खुद भी 'शक्तिशाली' बन गई। इस मां को सलाम और इनकी हौंसले भरी कहानी पढ़कर आप भी इन्हें सेल्यूट करेंगे।
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मार्शल आर्ट चैम्पियन अमित मरवाहा
- फोटो : फाइल फोटो
बात हो रही है, हरियाणा के पंचकूला की रहने वाली 40 वर्षीय अमिता मरवाहा की। ये अपनी बेटियों हिमांशी और ईशानी को सेल्फ डेफेंस की ट्रेनिंग दिलाने निकली थी और खुद ही मार्शल आर्ट चैम्पियन बन गईं। आज अमिता दुनिया भर के खिलाड़ियों को हराकर मेडल जीत चुकी हैं। हाल ही में अमिता ने दक्षिण कोरिया में आयोजित वर्ल्ड यूथ ताईक्वांडो चैंपियनशिप में अमिता ने गोल्ड मेडल जीता तो उनकी 16 साल की बेटी हिमांशी ने सिल्वर।
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मार्शल आर्ट चैम्पियन अमित मरवाहा
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ऐसे बनीं चैम्पियनः कुछ साल पहले की बात है। अमिता ने अपनी दोनों का सेल्फ डेफेंस क्लास में दाखिला दिलवाया। एक साल तक बेटियां ट्रेनिंग लेती रहीं। उसके बाद अमिता ने भी ट्रेनिंग लेने की सोची और पहुंच गई बेटियों के साथ सेंटर में। जिसका नतीजा ये कि अमिता स्टेट से नेशनल लेवल की प्रतियोगिताओं में 30 से ज्यादा मेडल जीत चुकी है।
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मार्शल आर्ट चैम्पियन अमित मरवाहा
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बेटियां भी कम नहीं: अमिता की तरह उनकी बेटियां हिमांशी और ईशानी भी कई मेडल जीत चुकी हैं। हिमांशी के खाते में 19 व 9 साल की ईशानी के पास 12 मेडल हैं। दोनों बेटियों का लक्ष्य एक ही है, मां से आगे निकलना। अमिता खुद भी कहती हैं कि सही मायने में उस दिन मेरी जीत होगी, जब मेरी बेटियां मुझे हरा देंगी। बता दें कि अमिता मार्शल आर्ट चैंपियन होने के साथ-साथ कथक डांसर भी हैं।
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मार्शल आर्ट चैम्पियन अमित मरवाहा
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स्लम के बच्चों को फ्री में ट्रेनिंग: अमिता स्लम के बच्चों को फ्री में मार्शल आर्ट सिखाती है और उन्हें खेलों की दुनिया में आगे बढ़ने का मौका देती है, ताकि वे जीवन में कुछ कर सकें। अपने चार साल के अथक प्रयास के बाद 2015 में स्लम एरिया के करीब 100 बच्चों को खेल के मैदान में उतारा। इन बच्चों ने भी उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीते।