{"_id":"5cc002e1bdec2214720fcea9","slug":"lok-sabha-elections-2019-bjp-candidate-kirron-kher-interview","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"भाजपा ने चुनाव टिकट तो दे दिया, 'अग्निपथ' पर चलना होगा अब, प्रत्याशी बनने पर किरण खेर बोलीं...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा ने चुनाव टिकट तो दे दिया, 'अग्निपथ' पर चलना होगा अब, प्रत्याशी बनने पर किरण खेर बोलीं...
Wed, 24 Apr 2019 12:51 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 24 Apr 2019 12:51 PM IST
विज्ञापन
किरण खेर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए किरण खेर को चंडीगढ़ से टिकट तो मिल गया, लेकिन अब उन्हें अग्निपथ पर चलना होगा। पढ़ें, भाजपा प्रत्याशी बनने के बाद क्या बोलीं सांसद।
किरण खेर
चुनाव टिकट की घोषणा के बाद मंगलवार रात करीब 9.15 बजे किरण खेर पार्टी कार्यालय पहुंचीं। यहां हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया और कहा कि अबकी बार फिर से मोदी सरकार। पूरे देश में मोदी की लहर है। मेरे कार्यों पर पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा जताया है और फिर से चंडीगढ़ की लोगों की सेवा करने का मौका दिया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनके टिकट मिलने के पीछे अनुपम खेर का उतना ही हाथ है, जितना मेरा एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर फिल्म में था।
किरण खेर
किरण के सामने कई चुनौतियां
किरण ने पहली बाजी तो जीत ली, लेकिन उनकी अग्निपरीक्षा अब शुरू होने वाली है। चुनाव जीतने के लिए उन्हें कई चुनौतियों से निपटना होगा। इनमें सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के संगठन से तालमेल बैठाना होगा। सांसद बनने के बाद उनकी संगठन से दूरी जगजाहिर रही है। दूसरी बड़ी चुनौती प्रचार में आगे निकलने की होगी। कांग्रेस और आप प्रचार में काफी आगे निकल गई है, अब भाजपा को प्रचार में उनके साथ खड़ा होना होगा। तीसरी चुनौती, गुटबाजी से निपटना। पार्टी में गुटबाजी चरम पर है। चुनाव में इनसे निपटना भी किरण के सामने एक बड़ी चुनौती होगी।
किरण ने पहली बाजी तो जीत ली, लेकिन उनकी अग्निपरीक्षा अब शुरू होने वाली है। चुनाव जीतने के लिए उन्हें कई चुनौतियों से निपटना होगा। इनमें सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के संगठन से तालमेल बैठाना होगा। सांसद बनने के बाद उनकी संगठन से दूरी जगजाहिर रही है। दूसरी बड़ी चुनौती प्रचार में आगे निकलने की होगी। कांग्रेस और आप प्रचार में काफी आगे निकल गई है, अब भाजपा को प्रचार में उनके साथ खड़ा होना होगा। तीसरी चुनौती, गुटबाजी से निपटना। पार्टी में गुटबाजी चरम पर है। चुनाव में इनसे निपटना भी किरण के सामने एक बड़ी चुनौती होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
किरण खेर
अनुपम खेर मोदी और शाह से मिले, फिर टिकट हुआ फाइनल
बताया जा रहा है कि फिल्म अभिनेता व किरण खेर के पति अनुपम खेर रविवार को न्यूयार्क से वापस दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। सूत्रों ने दावा किया है कि उनकी मुलाकात के बाद किरण का टिकट फाइनल हो गया। इसकी खबर भी किरण खेर को दे दी गई थी। अनुपम ने आलाकमान को चुनाव प्रचार में सहयोग करने की सहमति भी दी है।
बताया जा रहा है कि फिल्म अभिनेता व किरण खेर के पति अनुपम खेर रविवार को न्यूयार्क से वापस दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। सूत्रों ने दावा किया है कि उनकी मुलाकात के बाद किरण का टिकट फाइनल हो गया। इसकी खबर भी किरण खेर को दे दी गई थी। अनुपम ने आलाकमान को चुनाव प्रचार में सहयोग करने की सहमति भी दी है।
विज्ञापन
किरण खेर
खेर को गेट तक छोड़न नहीं आए टंडन
पार्टी कार्यालय से निकलकर करीब 10.30 बजे खेर सीधे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन के घर पहुंचीं। इस दौरान अजीब स्थिति बन गई, जब टंडन घर से बाहर गेट तक खेर को छोड़ने नहीं निकले। जब खेर टंडन के घर पहुंची तो अंदर दोनों में बातचीत हुई, लेकिन जब खेर घर से बाहर निकल रही थीं तो टंडन अपने गेट तक नहीं आए। इस दौरान टंडन से पत्रकारों ने टंडन से पूछा कि टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं, तो उन्होंने कहा कि मैं नाराज नहीं हूं।
पार्टी कार्यालय से निकलकर करीब 10.30 बजे खेर सीधे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन के घर पहुंचीं। इस दौरान अजीब स्थिति बन गई, जब टंडन घर से बाहर गेट तक खेर को छोड़ने नहीं निकले। जब खेर टंडन के घर पहुंची तो अंदर दोनों में बातचीत हुई, लेकिन जब खेर घर से बाहर निकल रही थीं तो टंडन अपने गेट तक नहीं आए। इस दौरान टंडन से पत्रकारों ने टंडन से पूछा कि टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं, तो उन्होंने कहा कि मैं नाराज नहीं हूं।