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मोदी-शाह को लिखा खून से पत्र...ताकि बच जाए नौकरी

Mon, 18 May 2015 07:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल Updated Mon, 18 May 2015 07:41 AM IST
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मोदी-शाह को लिखा खून से पत्र...ताकि बच जाए नौकरी

letter to narendra modi with blood by haryana guest teachers

हरियाणा में गेस्ट टीचरों का आंदोलन अब सरकार और टीचर दोनों के लिए इज्जत का सवाल बन गया है। नौकरी बचाने के लिए टीचरों ने अब पीएम मोदी को खून से पत्र लिखा है। तस्वीरों में पूरा मामला।

मोदी-शाह को लिखा खून से पत्र...ताकि बच जाए नौकरी

letter to narendra modi with blood by haryana guest teachers

पिछले 9 दिनों से करनाल में डेरा डाले गेस्ट टीचरों की जहां सरकार कोई सुध नहीं ले रही है, वहीं गेस्ट टीचरों ने अपनी नौकरी बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। हरियाणा सरकार को चेताने के लिए अतिथि अध्यापकों के परिजनों व महिला गेस्ट टीचरों ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह को पत्र लिखा। साथ ही बीजेपी घोषणापत्र में किए वायदे को पूरा करने की मांग की।

मोदी-शाह को लिखा खून से पत्र...ताकि बच जाए नौकरी

letter to narendra modi with blood by haryana guest teachers

इसके साथ ही, अतिथि अध्यापकों ने सांसद अश्वनी चोपड़ा के सेक्टर आठ स्थित निवास स्थान का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान काफी देर तक उन्होंने नारेबाजी की और परिजनों ने पुलिस को खरी-खरी सुनी। निवास स्थान पर नहीं जाने देने के बाद गुस्साए अतिथियों ने सांसद का पुतला फूंका।

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मोदी-शाह को लिखा खून से पत्र...ताकि बच जाए नौकरी

letter to narendra modi with blood by haryana guest teachers

नौवें दिन का महापड़ाव पारस शर्मा की अध्यक्षता में रखा गया। पारस शर्मा ने बताया कि शनिवार को बुजुर्ग महिला बिरजो, किसनी देवी, ननिया देवी, किसनवंती, प्रेमलता व कमलेश देवी ने जब अपने बच्चों को 9 दिनों से करनाल में बैठे देखा तो उनसे गेस्ट टीचरों का दर्द देखा नहीं गया और वो भी अपनी उम्र का ख्याल छोड़ इस आंदोलन में आहुति डालने के लिए कूद पड़ी।

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मोदी-शाह को लिखा खून से पत्र...ताकि बच जाए नौकरी

letter to narendra modi with blood by haryana guest teachers

9 दिन से चल रही इस लड़ाई में महिला गेस्ट टीचर भी पीछे नहीं रही। फरीदाबाद से कृष्णा शर्मा, गुरमीत कोर, सुमन, गुड़गांव से संतोष सैनी व सुनीता पलवल आदि 31 गेस्ट टीचरों ने अपने खून से पत्र लिख नियमित करने की मांग की।

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