पिछले साल जिंबाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया में हरियाणा के एक ऐसे चेहरे को शामिल किया गया, जो कभी विरोधी खिलाड़ियों को 64 खानों में धूल चटाता था। नाम है युजवेंद्र चहल।
शंतरज में शह और मात के खेल में विरोधियों को चित्त करने वाले चहल ने चेस के अंदाज में ही बंगलूरू में इंग्लिश टीम को भी पटखनी दी। टीम इंडिया के लिए संघर्षपूर्ण बनते मैच को चहल ने अपनी फिरकी से आसान कर टीम को जीत दिलाई।
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युजवेंद्र चहल का सफर
- फोटो : फाइल फोटो
टीम इंडिया में शामिल युजवेंद्र चहल का करियर चेस बोर्ड से शुरू हुआ था। उन्होंने आरसीबी की ओर से IPL में लगातार दमदार प्रदर्शन किया जिसके बूते उन्हें उन्हें टीम इंडिया में मौका मिला।
युजवेंद्र हरियाणा के जींद से ताल्लुक रखते हैं। चेस में महारथ होने के चलते चहल मानसिक रूप से काफी मजबूत हैं और विरोधी की चाल को समय से पहले ही बखूबी समझ जाते हैं। चेस में चहल एशियन और वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
उनका नाम फिडे (FIDE) की ऑफिशल साइट पर भी है और उन्हें साइट पर रेटिंग भी जबरदस्त मिली थी। चहल खुद इस बात को मान चुके हैं कि चेस के कारण उन्हें विरोधी खिलाड़ी के खिलाफ रणनीति बनाने और उसे वापस पवेलियन पहुंचाने में बहुत मदद मिलती है। वे बल्लेबाज से एक कदम आगे बने रहने की कोशिश करते हैं।