कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर कुंडली बॉर्डर पर कड़ाके की ठंड में भी किसान धरने पर डटे हुए हैं। उनकी तैयारी है कि नया साल भी धरनास्थल पर ही मनाएंगे। इसके लिए किसानों ने तैयारी कर ली है। सड़क पर ही नया साल धूमधाम से मनाया जाएगा। इसके लिए किसान नए पकवान बनाने की तैयारी में लगे है।
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किसान आंदोलन।
- फोटो : अमर उजाला
किसानों ने दिल्ली व हरियाणा समेत आसपास के लोगों को बुलावा भेजा है। जिससे जश्न बेहतर हो सके। किसान कड़ाके की ठंड के बीच इस बार नया साल धरनास्थल पर ही मनाएंगे। किसानों ने दिल्ली के चारों और लगते राज्यों व दिल्ली के नागरिकों को नये साल के मौके पर धरनास्थल पर आने का न्योता दिया है।
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किसान आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
लोगों को कहा गया है कि जिसे जहां धरना नजदीक लगता है, वह वहां जाए और नया साल किसानों के साथ मनाए। इसके लिए धरनास्थल पर नए मेन्यू कार्ड के तहत पकवान भी किसानों ने लोगों के लिए बनवाए हैं। ताकि वह धरनास्थल पर ही नया साल अपने भाइयों के साथ धूमधाम से मना सकें। किसानों का कहना है कि नए वर्ष पर मेन्यू में कई तरह के खाद्य पदार्थ शामिल किए जाएंगे।
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सिंघु बॉर्डर पर डटे किसान।
- फोटो : अमर उजाला
किसानों का एक जत्था पंजाब के श्री आनंदपुर साहिब से पैदल चलकर कुंडली धरनास्थल पर पहुंचा है। किसानों का जत्था 20 दिसंबर को वहां से चला था। किसान अजीत पाल सिंह ने बताया कि किसान केंद्र सरकार को अपनी ताकत दिखा रहे हैं। किसानों का कोई अड़चन रोक नहीं सकती।
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किसान आंदोलन में पहुंचा बुजुर्ग किसान और सेवा करती बुजुर्ग महिला।
- फोटो : अमर उजाला
दूसरी ओर कुंडली बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों को लगातार समर्थन मिल रहा है। गुरुवार को जहां लखनऊ से बौद्ध अनुयायियों का जत्था पहुंचा तो देशभर से नेशनल हॉकर एसोसिएशन के सदस्यों ने कुंडली पहुंचकर अपना समर्थन दिया।