कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। किसान अपने आंदोलन को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। सर्दी में नहाने के लिए किसानों ने देशी नलकूप में गर्म पानी का प्रबंध कर लिया है। किसान लोहे का ऐसा नलकूप लेकर आए है, जिसमें नीचे आग जलाकर पानी डालने से कुछ देर ही गर्म पानी मिलना शुरू हो जाता है।
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सिंघु बॉर्डर पर डटे किसान।
- फोटो : अमर उजाला
वहीं किसानों के खान-पान का भी पूरा प्रबंध किया गया है। सर्दी में किसानों को जलेबी, पिज्जा व डोसा भी बांटा जा रहा है। धरना स्थल पर किसानों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। किसान अब पंजाब से ट्रैक्टर-ट्राली में अपने पूरे परिवार के साथ पहुंच रहे हैं। कुंडली बॉर्डर पर किसानों का धरना लगातार जारी है। किसानों के जोश में अभी तक कोई कमी नहीं आई है।
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जलेबी वितरित करता युवक।
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किसानों ने ड्रेसिंग का काम गाड़ियों में लगे शीशों से लेना शुरू कर दिया है। बालों पर कलर लगाने से लेकर कंघी करने तक में इन शीशों का उपयोग किया जाता है। कुंडली बॉर्डर पर लगातार लंगर चलाया जा रहा है। जिसमें मेन्यू भी बदल रहा है। अब धरने पर पिज्जा व डोसा जैसी डिश भी तैयार होने लगी है। किसान केवल खुद के लिए ही नहीं, बल्कि राहगीरों के लिए भी नई-नई डिश तैयार कर रहे हैं।
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कुंडली बॉर्डर पर पिज्जा बनाता युवक।
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किसानों ने धरनास्थल पर पिज्जा के साथ-साथ जलेबियां भी तैयार कीं और किसानों व राहगीरों में वितरित की। यहां बच्चों की काफी तादाद को देखते हुए उनकी डिमांड पर पिज्जा तैयार किया गया है। युवा किसान चरणजीत सिंह ने बताया कि हर डिश वह खुद तैयार कर रहे हैं। बाहर से नहीं मंगवा रहे। उनके पास कच्चा माल काफी है। जिससे हर डिश बनाने में मदद मिलती है।
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किसानों के लिए लाया गया खास नल।
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किसानों की लड़ाई में पंजाब के किसान सबसे ज्यादा बढ़चढ़ कर भाग ले रहे हैं। यहां रोजाना पंजाब से किसान व किसानों के समर्थन में लोग अपने परिवारों के साथ पहुंच रहे हैं। पंजाब से कुलबीर कौर अपने पूरे परिवार के साथ धरना स्थल पर आई है। कुलबीर कौर का कहना है कि तीन कृषि कानून किसानों के हक में नहीं हैं। किसान इन्हें किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार को इन्हें वापस लेना ही होगा।