'बेटियों' ने मिलाया 16 साल से बिछड़ा लाल, देखिए कैसे?
बेटियों के कांटेस्ट 'सेल्फी विद डॉटर' ने 16 साल से बिछड़े लाल जाहिद पाशा को उसके परिवार से मिला दिया। कहानी बिल्कुल फिल्मी है। देखिए, पूरा मामला।
'बेटियों' ने मिलाया 16 साल से बिछड़ा लाल, देखिए कैसे?
जाहिद पाशा को 16 साल पहले 10 साल की उम्र में यूपी के सहारनपुर स्थित मदरसे से किडनेप कर कर्नाटक के तुमकुर स्टेशन पर छोड़ दिया गया। जाहिद ने बताया कि एक साथी छात्र के द्वारा तुमकुर में छोड़ने के बाद उसने एक मस्जिद में शरण ली। जहां से केबल ऑपरेटर फारुख पाशा उसे अपने घर ले आए।
'बेटियों' ने मिलाया 16 साल से बिछड़ा लाल, देखिए कैसे?
जाहिद ने पाशा के अस्सिटेंट के तौर पर काम किया और तुमकुर की एक लड़की से शादी भी की जिससे उनके दो बेटे हैं। जाहिद आज बेंगलोर से 70 किलोमीटर दूर तुमकुर में रह रहे हैं। 'मैं अपने माता-पिता से मिलने के लिए उत्सुक हूं'। जाहिद ने कहा कि 17 जुलाई को उसके घर पहुंचने की संभावना है।
'बेटियों' ने मिलाया 16 साल से बिछड़ा लाल, देखिए कैसे?
जाहिद ने बताया कि हरियाणा के मेवात जिले में उसका परिवार रहता था, उसे बस इतना याद था। 'सेल्फी विद डॉटर' के माध्यम से जींद के बीबीपुर गांव के सरपंच सुनील जगलान का शुर्किया अदा करते हैं, जिन्होंने उसके परिवार को ढूंढ निकाला।
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जाहिद कहते हैं कि घर पहुंचने की लंबी यात्रा तब शुरू हुई जब अचानक नेट पर उन्होंने जगलान का नंबर देख उन्हें कॉल किया। बदले में जगलान ने मेवात और जींद की पुलिस से संपर्क किया। जाहिद को सिर्फ दो ही नाम याद थे एक अपने पिता का 'अकबर' और एक अपने गांव का 'सुनेदा'।