मोहाली के सोहाना में कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान राणा बलाचौरिया की हत्या में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक बलाचौरिया इस हत्याकांड का पहला टारगेट नहीं था। शूटरों के निशाने पर पहले लॉरेंस गैंग से जुड़ा एक कुख्यात गुर्गा था, जो कभी बंबीहा गैंग और गैंगस्टर लक्की पटियाल का करीबी रह चुका है। जब शूटर उसकी लोकेशन तक पहुंचने के बावजूद उसे नहीं ढूंढ पाए तो अगले ही दिन प्लान बदलते हुए राणा बलाचौरिया की हत्या कर दी।
सूत्रों का दावा है कि जिस शख्स को पहला टारगेट बनाया गया था, वह पहले बंबीहा गैंग से जुड़ा रहा है और लक्की पटियाल के साथ मिलकर भी एक बड़ी वारदात को अंजाम दे चुका है। बाद में उसके लॉरेंस गैंग के संपर्क में आने से बंबीहा गैंग में नाराजगी बढ़ी और इसी गैंगवार की कड़ी में उसे निशाने पर लिया गया।
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गैंगस्टर डोनी बल और राणा बलाचाैरिया
- फोटो : संवाद
सूत्रों ने बताया कि वह शख्स टूर्नामेंट स्थल से करीब पांच किलोमीटर के दायरे में ही मौजूद था और शूटर हत्या से एक दिन पहले उसकी तलाश में इलाके में घूमते रहे।
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पत्नी के साथ राणा
- फोटो : फाइल
खरड़ में रुके शूटर, फिर बदला प्लान
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज से यह भी सामने आया है कि वारदात से पहले शूटर मोहाली के खरड़ इलाके में रुके थे। यहीं से उन्होंने पूरे इलाके की रेकी की और संभावित टारगेट की मूवमेंट पर नजर रखी। जब पहला टारगेट नहीं मिला तो योजना के तहत अगले दिन सोहाना कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान राणा बलाचौरिया को निशाना बना लिया गया।
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दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया
- फोटो : फाइल
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती प्लान यह था कि पहले लॉरेंस गैंग से जुड़े गुर्गे की हत्या की जाए और उसके बाद टूर्नामेंट में राणा बलाचौरिया पर हमला किया जाए लेकिन परिस्थितियों के चलते प्लान का क्रम बदल गया। सोहाना टूर्नामेंट में पंजाबी सिंगर मनप्रीत औलख को भी आना था लेकिन बलाचौरिया हत्या से पहले ही कार्यक्रम रद्द हो गया। डोनी बल ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सिंगर किसी भी तरह से निशाने पर नहीं था।
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पत्नी के साथ राणा
- फोटो : फाइल
अपराधियों की फरारी का रुट ट्रेस
हत्या के बाद शूटरों के फरार होने का रूट भी पुलिस ने ट्रेस कर लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मोहाली के सेक्टर-105 से होते हुए मोहाली के रायपुरकलां पहुंचे और वहां से चुन्नी गांव की ओर ग्रामीण इलाकों में भाग निकले। इसके बाद से दोनों शूटर करण पाठक और आदित्य कपूर का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस आसपास के जिलों और हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से उनकी तलाश में जुटी है।