फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सर्वेश यूं ही नहीं बने JEE एडवांस के टॉपर, इन चीजों से दूर रहकर रचा इतिहास

Mon, 12 Jun 2017 09:12 AM IST
सर्वेश कुमार/अमर उजाला, पंचकूला
सर्वेश कुमार/अमर उजाला, पंचकूला Updated Mon, 12 Jun 2017 09:12 AM IST
विज्ञापन
jee advanced 2017 topper sarvesh mehtani success story
JEE एडवांस के ऑल इंडिया टॉपर सर्वेश
किसी भी एग्जाम में टॉप करना आसान नहीं, लेकिन मुमकिन भी नहीं। पंचकूला के सर्वेश मेहतानी ने टॉप करने की ठानी और इतिहास रच दिया, जानिए कैसे?
jee advanced 2017 topper sarvesh mehtani success story
JEE एडवांस के ऑल इंडिया टॉपर सर्वेश
उम्र 18 साल, शौक खाली वक्त में टेंशन दूर करने के लिए डोरेमॉन (कार्टून) देखना। साथ में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का सपना देखना और उसे पूरा करने के लिए उड़ान भरना। बस एक ये लक्ष्य था, जेईई एडवांस 2017 के टॉपर सर्वेश मेहतानी का। सर्वेश ने अपनी मेहनत और लगन की बदौलत आईआईटी जेईई एडवांस टॉप करके परिवार, स्कूल और पंचकूला का नाम देश भर में चमका दिया।
jee advanced 2017 topper sarvesh mehtani success story
JEE एडवांस के ऑल इंडिया टॉपर सर्वेश
सर्वेश मेहतानी ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि उसका ध्यान सिर्फ पढ़ाई और टारगेट पूरा करने की तरफ था। न स्मार्टफोन यूज किया और न ही सोशल मीडिया। यूं तो पढ़ाई को लेकर तनाव नहीं होता था, लेकिन अगर कभी ऐसा लगा तो डोरेमॉन या दूसरे कार्टून चैनल देखता। हालांकि, 12वीं की पढ़ाई के दौरान यह सब धीरे धीरे कम होता गया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
jee advanced 2017 topper sarvesh mehtani success story
JEE एडवांस के ऑल इंडिया टॉपर सर्वेश
निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य किए जाने पर सवाल के जवाब में सर्वेश ने माना कि उन्होंने एनसीईआरटी के अलावा कभी भी दूसरी किताबें नहीं पढ़ी। इतना ही नहीं, आईआईटी की परीक्षा के लिए इसे काफी बताते हुए कहा कि अगर किसी भी बच्चे को अगर किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करनी हो तो इससे अच्छी किताबें नहीं हो सकती है।
विज्ञापन
jee advanced 2017 topper sarvesh mehtani success story
JEE एडवांस के ऑल इंडिया टॉपर सर्वेश
सर्वेश कहते हैं कि अगर किसी भी विषय में कोई सवाल मुश्किल हो तो इसे हल करने की दो तीन कोशिश के बाद ही टीचर या कोचिंग की मदद लेनी चाहिए। इससे खुद के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। 12वीं की पढ़ाई करने वाले सर्वेश स्कूल के अलावा रोजाना 8 घंटे तक पढ़ते थे। टीचर्स की बातें हमेशा सुनीं और सफलता में परिजनों, टीचर्स के साथ साथ दोस्तों का पूरा साथ रहा।

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed