25 दिन बाद उज्मा वतन लौटी तो उसने पाकिस्तान के घिनौने चेहरे की आंखों देखी कहानी दुनिया के सामने बयां की, जो इतनी खौफनाक है कि रूह कांप जाए।
वीरवार को स्वदेश लाई गईं उज्मा अहमद ने पाकिस्तान को ‘मौत का कुआं’ करार दिया है। उज्मा का दावा है कि पाकिस्तान के बुनेर के रहने वाले ताहिर अली से निकाह के लिए उसे मजबूर किया गया। उसके सिर पर बंदूक रखकर उसे जान से मारने की धमकी दी गई और प्रताड़ित तथा अपमानित किया गया। एक दिन पहले ही उज्मा को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने स्वदेश लौटने की इजाजत दी।
उज्मा ने वीरवार को वाघा सीमा के जरिए भारत में प्रवेश किया और यहां पत्रकारों से कहा कि मैं अनाथ थी। मुझे गोद लिया गया था और मेरा कोई नहीं था। पाकिस्तान में बिताए अपने कठिन दिनों के बारे में बताते हुए उज्मा कई बार रो पड़ीं। उसने कहा कि पाकिस्तान जाना तो आसान है, लेकिन वहां से वापिस लौटना बेहद कठिन। वहां बुनेर नाम का एक गांव है।
उज्मा ने बताया कि अगर मैं वहां कुछ दिन और रहती तो या मुझे मार दिया जाता या बेच दिया जाता। धोखे से निकाह के बाद उसे बुनेर ले जाया गया। वहां कई लड़कियां हैं, जो पता नहीं कहां कहां से लाई गई हैं। बुनेर के ज्यादातर मर्द मलेशिया में रहते हैं। वे वहां रहकर लड़कियों को फंसाते हैं और फिर उन्हें बुनेर ले आते हैं। बुनेर बेहद खतरनाक इलाका है।
बुनेर में मुझे शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जाता था। वहां एक ट्रेनिंग कैंप चलता है, जहां रोज गोलियां चलने की आवाजें आती हैं। हर मर्द की दो पत्नियां हैं। पाकिस्तान नरक है, लड़कियां सोचती हैं कि वहां मुस्लिम कल्चर है, तो पाकिस्तान अच्छा होगा। लेकिन मैं कहती हूं कि वहां औरत तो क्या आदमी भी सेफ नहीं हैं और आदमी के रूप में वहां भेड़िये रहते हैं।