{"_id":"5a9130c04f1c1bef7b8b9367","slug":"indian-army-will-recruit-500-posts-for-national-mission-for-clean-ganga","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"भारतीय सेना में 500 पदों पर भर्ती के लिए तैयार रहें, कौन कर सकेगा आवेदन जानिए ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारतीय सेना में 500 पदों पर भर्ती के लिए तैयार रहें, कौन कर सकेगा आवेदन जानिए
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 25 Feb 2018 09:48 AM IST
विज्ञापन
indian army
- फोटो : BASIT ZARGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय सेना में एक प्रोजेक्ट के तहत 500 पदों पर बंपर भर्ती की जाएगी तो तैयार में जुट जाएं। जानिए पूरी जानकारी और कौन कर सकेगा आवेदन?
Indian army
दरअसल, गंगा की निगेहबानी और सुरक्षा के लिए नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा प्रोजेक्ट के तहत गठित होने वाली ‘गंगा फोर्स’ को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। इस बटालियन के लिए अब भर्ती प्रक्रिया शुरू की जानी है। भर्ती की जिम्मेवारी चंडीगढ़ स्थित वेस्टर्न कमांड की टीए विंग को भी मिली है। लेकिन ये भर्ती प्रक्रिया कब शुरू की जानी है, इसे लेकर वेस्टर्न कमांड को आगामी आदेशों का इंतजार है।
indian army
नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के तहत ‘कंपोजिट इकोलॉजिकल टास्क फोर्स’(सीईटीएफ) बटालियन यानी गंगा फोर्स का गठन होना है। इसके लिए पहले चरण में 4 बटालियन का गठन होगा। इस बटालियन का गठन भारतीय सेना की सेकेंड लाइन कहे जाने वाली टेरेटोरियल आर्मी (टीए) विंग की देखरेख में किया जाएगा। बटालियन में भर्ती की जिम्मेवारी चंडीगढ़ वेस्टर्न कमांड को भी सौंपी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
indian army
वहीं इसके लिए कमांड ने अपनी प्रारंभिक तैयारियां तो कर रखी है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया कब से, कैसे करनी है और इसका क्या प्रोसेस होगा? इस संबंध में वेस्टर्न कमांड को केंद्र के आगामी आदेशों का इंतजार है। सेना के एक आला अफसर ने बताया कि यदि ये फोर्स बनती है तो बड़ी संख्या में रोजगार भी मिलेगा और ये फोर्स क्लीन गंगा प्रोजेक्ट में बड़ा सहयोग करेगी।
विज्ञापन
INDIAN ARMY
- फोटो : AMAR UJALA
गंगा किनारे अवैध कब्जे भी हटवाएगी फोर्स
इस फोर्स का अहम काम गंगा के उद्गम केंद्र से लेकर बंगाल की खाड़ी तक न केवल नदी की निगरानी करना होगा, बल्कि वे गंगा किनारे सरकारी जमीनों पर बने अवैध कब्जे व अतिक्रमण को भी हटाएगी। खाली जमीनों पर पौधे लगाकर जंगलात एरिया तैयार करेगी। क्षतिग्रस्त एवं जर्जर गंगा किनारों की मरम्मत, गंगा के संवेदनशील इलाकों पर निरंतर गश्त, वहां जैव विविधताओं की सुरक्षा, नदी में प्रदूषण व भूमि कटाव की निगरानी भी फोर्स करेगी। फोर्स स्थानीय प्रशासन, पुलिस व सरकार को गंगा के बढ़ते प्रदूषण के बारे में अवगत करवाएगी, ताकि उसे रोका जा सके। यदि गंगा की वजह से किसी इलाके में बाढ़ की स्थिति बनती है तो भी ये फोर्स बचाव कार्य का मोर्चा संभालेगी।
इस फोर्स का अहम काम गंगा के उद्गम केंद्र से लेकर बंगाल की खाड़ी तक न केवल नदी की निगरानी करना होगा, बल्कि वे गंगा किनारे सरकारी जमीनों पर बने अवैध कब्जे व अतिक्रमण को भी हटाएगी। खाली जमीनों पर पौधे लगाकर जंगलात एरिया तैयार करेगी। क्षतिग्रस्त एवं जर्जर गंगा किनारों की मरम्मत, गंगा के संवेदनशील इलाकों पर निरंतर गश्त, वहां जैव विविधताओं की सुरक्षा, नदी में प्रदूषण व भूमि कटाव की निगरानी भी फोर्स करेगी। फोर्स स्थानीय प्रशासन, पुलिस व सरकार को गंगा के बढ़ते प्रदूषण के बारे में अवगत करवाएगी, ताकि उसे रोका जा सके। यदि गंगा की वजह से किसी इलाके में बाढ़ की स्थिति बनती है तो भी ये फोर्स बचाव कार्य का मोर्चा संभालेगी।