भारतीय सेना के कैंपों और यूनिटों में अब घुसपैठ करके दिखाएं दुश्मन, नेस्तनाबूत कर दिए जाएंगे। इस दिशा में सेना की ओर से बड़ा कदम उठाया गया है, आप भी जानिए।
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Indian army
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दरअसल, अब भारतीय सेना के अंतर्गत सैन्य यूनिटों की सुरक्षा और ज्यादा चाक चौबंद होगी। इन यूनिटों को अब किलेबंद सरीखे तैयार किया जाएगा, ताकि इनमें घुसपैठ की संभावनाएं न के बराबर रहें। इसके लिए सेना ने खास प्लानिंग तैयार की है। सेना की यूनिटों को अब धीरे-धीरे ‘की-लोकेशन प्लान’ के अंतर्गत तबदील कर दिया जाएगा।
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भारतीय सेना
- फोटो : डेमो फोटो
काबिलेगौर है कि उत्तर भारत में सेना की सबसे अहम वेस्टर्न कमांड चंडीमंदिर मौजूद है। इसके अंतर्गत उत्तर भारत का सबसे बड़ा आर्मी बेस कैंप भी अंबाला छावनी में स्थित है, जहां स्ट्राइक कोर समेत पंजाब, हरियाणा, हिमाचल व पंजाब सब एरिया हेडक्वार्टर स्थापित है। इन छावनी क्षेत्रों में सेना की काफी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील यूनिटें, बम भंडारण गृह, तोपखाने आदि भी मौजूद हैं।
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- फोटो : indian army
सैन्य क्षेत्रों को यदि देखा जाए तो काफी यूनिटें ऐसी हैं, जो घुसपैठ के लिहाज से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। सेना की ये यूनिटें कई एकड़ में तो फैली हुई हैं, लेकिन इन यूनिटों को फिलहाल बड़े सीमेंट पोल व लोहे की छड़ों पर कंटीली तारें बांधकर उन्हें कवर किया गया है। आलम यह है कि कई जगह से तो यह कंटीली तारें जर्जर भी हो चुकी है। दूसरा, इन कंटीली तारों को काटकर इन यूनिटों में घुसपैठ करना भी मुश्किल नहीं है।
ऐसे मामले अंबाला में सामने भी आ चुके हैं, जिसके अंतर्गत संदिग्धों को भी पकड़ा गया है। अब तो इन यूनिटों में घुसपैठिए को शूट एट साइड के भी आदेश हो गए हैं। इसके अलावा भी अब सेना के ‘की लोकेशन प्लान’ के तहत यूनिटों को तैयार किया जाएगा। यूनिटों के कवर एरिया के चारों और करीबन दस से बारह फीट की चहारदीवारें बनाई जाएंगी और उसके ऊपर गोलदार कंटीली तारों का जाल बिछाया जाएगा।