पति के शव पर उतारी चूड़ियां और सैल्यूट किया, डेढ़ साल के वरदान ने दी अंतिम विदाई, देखिए तस्वीरें
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सार्जेंट विक्रांत की मां नहीं जानती थी कि शाम को जिस बेटे का कुशलक्षेम उसने पूछा है, अगली सुबह उसकी मौत की खबर आ जाएगी। मां ने बताया कि बेटे से मंगलवार शाम को आखिरी बार बात हुई थी। उसने फोन पर बताया था कि बॉर्डर पर तनाव है, अब वह जल्दी बात नहीं कर पाएगा। फ्लाइट भी यहां से काफी लेनी पड़ रही हैं, ऐसे में वह कुछ दिन व्यस्त रहेगा और इस बार दुश्मन को मिट्टी में मिलाकर ही घर लौटेगा। बेटे के द्वारा कहे गए इन शब्दों को याद कर मां कांता के आंखों में आंसू आ जाते हैं, लेकिन गर्व जताते हुए वह खुद को मजबूत बना रही है।
मां कांता देवी ने रोते हुए कहा कि उसे अपने बेटे पर गर्व है, जो देश के काम आया है। विक्रांत का बेटा वरदान अभी डेढ़ साल का है, बड़ा होने पर उसे भी वह आर्मी में भेजेगी। कांता देवी को ढांढस बंधाने के लिए परिवार की महिलाएं लगी हुई थी तो उधर शहीद की वीरांगना सुमन को भी घर को लोगों के द्वारा समझाया जा रहा था कि उसका पति देश के काम आया है, उस पर उसे गर्व करना चाहिए। सार्जेंट विक्रांत ने 2005 में इंडियन एयरफोर्स ज्वॉइन की थी। फिलहाल उसकी पोस्टिंग जम्मू के एयर स्टेशन में थी।