72वें स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले पाकिस्तान ने एक ऐसी 'नापाक' हरकत कर दी, जिसे देखकर आपका खून खौल जाएगा। ये है भारत-पाकिस्तान के रिश्तों का असली सच।
दुश्मन देश पाकिस्तान में दिल, इंसानियत और भावनाओं जैसी चीज ही नहीं है, खासकर भारत देश के लिए। तभी तो एक भारतीय को इमरजेंसी पड़ने पर पाकिस्तान इलाज मुहैया नहीं कर सका। पंजाब के जालंधर जिले के एक युवक ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भारतीयों के प्रति पाकिस्तान के रवैये से अवगत कराया।
सच्चाई खौफनाक है, इंस्ताबुल से दिल्ली आ रही तुर्की एयरलाइंस की फ्लाइट में एक भारतीय यात्री की तबीयत अचानक खराब हो गई। लाहौर एयरपोर्ट पर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने उसके इलाज की अनुमति नहीं दी। पाकिस्तान के इस रवैये के बारे में जालंधर के एक युवक ने फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को जानकारी दी।
अमर उजाला से बातचीत में जालंधर के पंकज मेहता ने बताया कि 12 अगस्त 2018 को तुर्की एयरलाइंस की उड़ान टीके 716 साढ़े आठ बजे इस्तांबुल से दिल्ली आ रही थी। फ्लाइट में 70 लोग थे। गुरुग्राम के विपिन कुमार (33) उनके साथ वाली सीट पर था। विपिन ने लंच के साथ थोड़ी वाइन पी थी। इसके बाद वह सो गए। 45 मिनट बाद वह जागे और उन्होंने घबराहट की शिकायत की। वह थोड़ा टहलने लगे लेकिन तुरंत ही बेहोश होकर गिर गए।
फ्लाइट में मौजूद एक एमबीबीएस डॉक्टर से विपिन को फर्स्ट ऐड दी लेकिन विपिन की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। विपिन की खराब हालत देखकर यात्री परेशान हो गए। पायलट ने भी इसे काफी गंभीरता से लिया और लाहौर में विमान की आपात लैंडिंग करवाई। वहां विपिन करीब 3 घंटे तड़पता रहा। पाकिस्तान के डॉक्टर आए लेकिन उन्हें इमिग्रेशन ने विपिन को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की परमिशन नहीं दी।