आधार कार्ड को लेकर एक बहुत बड़ा फैसला लिया गया है, जिसके बारे में आपको जरूर पता होना चाहिए, कानूनी पचड़े से बच जाएंगे।
मामला हरियाणा का है। यहां आधार कार्ड बनाने के नाम पर वसूली करने वालों पर प्रशासन का डंडा चल गया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद रोहतक में डीसी डॉ. यश गर्ग के निर्देश पर सेंटरों को बंद करा दिया गया। अब जल्द ही नए सिरे से शहर के दस स्थानों पर सरकारी आधार कार्ड सेंटर खोले जायेंगे। लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
अमर उजाला ने अपने 24 मार्च के अंक में ‘आधार कार्ड के लिए वसूले जा रहे 50 से 270 रुपये’ शीर्षक से सिटी के पेज नंबर एक पर खबर प्रकाशित की थी। जिसमे शहर के विभिन्न स्थानों पर आधार कार्ड बनाने के नाम पर की जा रही वसूली का खुलासा किया गया था। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया था। अवैध वसूली करने वालों की रिपोर्ट अधिकारियों को भी भेजी गई थी।
गौरतलब है कि हरियाणा में विभिन्न स्थानों पर अवैध रुप से चल रहे सेवा केंद्रों पर आधार कार्ड बनाने के नाम पर 50 से लेकर 270 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। इसके अलावा आधार कार्ड अपडेट कराने के रेट भी अलग-अलग है। अमर उजाला द्वारा किए गए स्टिंग में यह खुलासा हुआ है। विभागीय अधिकारियों ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने की बात कही है।
डीसी कार्यालय पर की गई थी शिकायत
लोगों ने बताया कि वे कई बार सेंटरों पर आधार कार्ड बनाने के नाम पर चल रही अवैध वसूली की शिकायत डीसी कार्यालय से लेकर सीएम विंडो पर कर चुके हैं। मगर कोई सुनवाई नही की जा रही है। अधिकारियों की अनदेखी के कारण अवैध रुप से वसूली का खेल जारी है।