एक ऐसा IAS अफसर जिसने न जाने कितने भ्रष्ट अधिकारियों को सस्पेंड कराया, न किसी धमकी से डरे। फिर 26 साल में 50 तबादले क्यों?
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अशोक खेमका
- फोटो : अशोक खेमका
दरअसल बात हो रही है, हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अशोक खेमका की। सरकार ने आईएएस अशोक खेमका को अब साइंस एंड टेकभनालाजी से हटाकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का प्रधान सचिव लगाया है। खेमका का यह तबादला उनके 26 वर्ष के सेवाकाल में 50 से ऊपर का आकंड़ा पार कर गया है।
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आईएएस अशोक खेमका
- फोटो : file photo
खेमका अब साइंस और टेकभनालाजी के स्थान पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग देखेंगे। इसके अलावा सरकार ने आईएफएस लाबी के निशाने पर चल रहे सुनील गुलाटी को मछली पालन विभाग में लगाया है। पिछले कई दिनों से गुलाटी आईएफएस लॅाबी के निशाने पर थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी अधिकारियों ने इस संबंध में लिखित शिकायतें की थीं।
हरियाणा के आईएएस अशोक खेमका का प्रदेश में कार्यकाल काफी विवादों से भरा रहा। इन 26 सालों में वे 50 से ज्यादा तबादले झेल चुके हैं। 12 अक्तूबर 2012 को वह उस समय सबसे अधिक सुर्खियों में छाए जब चकबंदी महानिदेशक पद पर रहते हुए उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के बीच जमीन को लेकर हुई डील की म्यूटेशन रद्द कर दी थी।
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने इस प्रकरण के बाद खेमका का स्थानांतरण हरियाणा बीज विकास निगम के महानिदेशक पद पर कर दिया। इसके बाद खेमका पर रैक्सिल दवा खरीद मामले में हुई गड़बड़ी को लेकर भी उंगली उठाई गई और यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। खेमका तबादले के बाद भी सुर्खियों में बने रहे।