चिलचलाती गर्मी के बीच 86 लड़कियों के एक समूह का गांधीवादी प्रदर्शन नौकरशाही और लालफीताशाही पर भारी पड़ा है। बेटियों के हौंसले के आगे सरकार ने हार मान ली।
हरियाणा के रेवाड़ी में भूख हड़ताल कर रहीं छात्राओं की मांग के आगे सरकार झुक गई है। मनोहर लाल खट्टर सरकार ने छात्राओं की मांग मानते हुए स्कूल के अपग्रेडेशन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद एक हफ्ते से अनशन कर रहीं छात्राओं ने हड़ताल खत्म कर दी।
करीब 80 से ज्यादा छात्राएं धरने पर बैठी हई थीं। जिनमें13 बेटियों का हौंसला ऐसे था कि उन्होंने आमरण अनशन तक शुरु कर दिया था। भीषण गर्मी के बीच भूख हड़ताल कर रहीं छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी थी। बुधवार को तीन छात्राओं को अस्पताल ले जाया गया।
रेवाड़ी के खोल ब्लॉक के गांव गोठड़ा टप्पा डहिना की 80 से अधिक लड़कियां बीते एक हफ्ते से अनशन पर बैठी थीं. इनकी मांग थी कि गांव के 10वीं तक के स्कूल का दर्जा बढ़ा कर सीनियर सेकेंडरी किया जाए जिससे कि वहां 12वीं तक पढ़ाई हो सके।
छात्राओं को 10वीं से आगे की पढ़ाई के लिए कनवली स्थित स्कूल जाना पड़ता था। ये स्कूल इनके गांव से करीब 3 किलोमीटर दूर है, छात्राओं के मुताबिक उन्हें रोज स्कूल आने-जाने में छेड़खानी का शिकार होना पड़ता है। गांव के सरपंच सुरेश चौहान का कहना है कि छेड़छाड़ करने वाले शोहदे किस्म के लड़के इतने शातिर हैं कि हेलमेट पहने रखते हैं, जिससे कि उनकी पहचान ना हो सके।