दोस्तों को बचाने में 20 साल की लड़की जिंदा जल गई, लेकिन आखिर में उसने अपनी मां से कहा कि दमकल का नंबर नहीं लग रहा, मैं फंस गई हूं।
नोएडा की एक्सल ग्रीन कंपनी में एचआर एग्जिक्यूटिव का काम करने वाली मोहाली के फेज-6 की रहने वाली जसमीत कौर को क्या पता था कि वो अपने ऑफिस के जिन साथियों के साथ अपना 20 वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही है, अगले ही दिन वो उन सभी की जान बचाते हुए आग में जिंदा जल जाएगी।
जसमीत के साथ ऐसा हुआ 18 अप्रैल को। उन्होंने अपने ऑफिस में जिन साथियों के साथ अपना बर्थडे सेलिब्रेट किया, अगले ही ऑफिस में लगी आग में वे उन्हीं सािथयों को बचाने में जुटी रहीं, लेकिन उन्हें बचाने के बाद वे खुद उस आग से सुरक्षित निकलने में नाकाम रहीं और आग की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
जसमीत की आत्मा की शांति के लिए फेज-5 के गुरुद्वारा साहिब में सोमवार को अंतिम अरदास का आयोजन किया गया, जहां उनकी बहादुरी को याद कर सभी दंग थे। वहीं सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने 15 अगस्त को जसमीत को वीरता पुरस्कार दिलवाने की सिफािरश करने का वादा किया है।
जसमीत के मामा सुरजीत सिंह ने बताया कि 19 अप्रैल को जसमीत की कंपनी की इमारत में आग लग गई और चार मंजिलें पूरी तरह आग की चपेट में आ गईं।