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एक गांव ऐसा, जहां 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं बेटियां, वजह शर्मनाक
Fri, 09 Jun 2017 09:14 AM IST
amarujala.com- Presented by: खुशबू गोयल
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Updated Fri, 09 Jun 2017 09:14 AM IST
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लड़कियां छोड़ रही स्कूल
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देखिए देश में एक ऐसा गांव, जहां 10वीं के बाद बेटियां पढ़ाई छोड़ देती हैं और ऐसा करने के पीछे की वजह काफी शर्मनाक है।
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लड़कियां छोड़ रही स्कूल
हरियाणा के हिसार से महज 22 किलोमीटर की दूरी पर बसा है बालसमंद का गांव सीसवाला। करीब 950 घरों वाले इस गांव की 150 से अधिक बेटियां दसवीं के बाद भी पढ़ना चाहती हैं। उनके मां बाप भी पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन 12वीं तक का स्कूल गांव से 6 और 10 किलोमीटर दूर है। वहां तक आने-जाने का साधन नहीं है इस कारण लोग बेटियों की पढ़ाई दसवीं के बाद छुड़ा देते हैं।
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लड़कियां छोड़ रही स्कूल
बेटियां घर बैठ जाती और चौका-चूल्हा में जिंदगी खफा देती हैं। बताते हैं कि गांव के स्कूल को 13 साल से अपग्रेड करने की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई। इतने वर्षों में न जाने कितनी बेटियों की पढ़ने की ख्वाहिश दम तोड़ चुकी है। बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ का नारा देने वाले सरकार के सीएम मनोहर लाल खट्टर से स्कूल को अपग्रेड करने की मांग की तो उन्होंने साफ मना कर दिया।
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लड़कियां छोड़ रही स्कूल
गांव वाले कहते हैं कि गांव की हर बेटी पढ़ना चाहती है, लेकिन गांव में 50 फीसदी बेटियां दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं। क्षेत्र के सबसे पुराने स्कूल राजकीय उच्च विद्यालय की साल 1952 में भजनलाल ने नींव रखी थी। साल 1954 में पांचवीं का स्कूल बना और साल 1982 में 10वीं तक हो गया। इसके बाद इस स्कूल को 12वीं तक अपग्रेड करने की मांग ग्रामीण कर रहे हैं। पिछले दो वर्षों से ग्रामीण आंदोलन भी कर रहे हैं।
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लड़कियां छोड़ रही स्कूल
इस बीच प्रदेश सरकार ने 122 स्कूलों को अपग्रेड करने का फैसला किया लेकिन सीसवाल उसमें शामिल नहीं हो सका। सीसवाला के स्कूल में 400 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, इसमें 350 छात्राएं हैं। सबसे नजदीकी गांव किरतान करीब छह किलोमीटर दूर है। यह स्कूल 12वीं तक है। इस गांव का लिंक रोड है और बस व्यवस्था गांव से नहीं है।
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