मंत्री के पोते ने मुख्यमंत्री वीरभ्रद सिंह के भतीजे को कुचल दिया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस पूरी वारदात की असली वजह खुलकर सामने आ गई है।
वीरवार सुबह हुई घटना में घायल हुए आकांक्ष की मौत का कारण डॉक्टरों ने सिर में क्लॉट जमना बताया है। हालांकि मौत के सही कारणों का खुलासा शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद ही होगा, लेकिन ऐसा किए जाने का कारण पता चल गया है। वहीं, सेक्टर 3 थाना पुलिस ने आरोपियों पर अब धारा 302 जोड़ दी है। अब आरोपी बलराज और हरमहताभ (पूर्व मंत्री का पड़पोता) को गिरफ्तार करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस की पांच टीमें वीरवार शाम से ही पंजाब में हैं।
पुलिस में पार्टी में शामिल सभी लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया। इस दौरान पता चला कि वारदात झगड़े के चलते पनपी रंजिश के चलते अंजाम दी गई। आरोपी युवकों ने यह कहते हुए अकांक्ष पर कार चढाई कि तू शेरा का बड़ा बॉडीगार्ड बना फिरता है। हुआ यूं कि फरीद सिंह और बलराज सिंह रंधावा भी पार्टी में थे। अकांक्ष के साथ अपने दोस्त शेरा के साथ आया था। पार्टी के दौरान फरीद और बलरात की शेरा के साथ किसी बात पर बहस हो गई।
पूछताछ में युवकों ने बताया कि बहस हाथापाई तक पहुंच गई थी। उस समय तो बीच-बचाव करके मामला शांत करवा दिया गया। इसके बाद अकांक्ष सेन और उसका भाई अदम्य सिंह राठौड़ वहां से सेक्टर-18 चले गए। सुबह पांच बजे अकांक्ष ने एक दोस्त करन को सेक्टर-18 बुलाया और वे सभी सेक्टर-9 दोबारा यह देखने पहुंच गए कि उसके बाद कोई झगड़ा तो नहीं हुआ। उनको वहां देखते ही बलराज सिंह गुस्से में आ गया।
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- फोटो : अमर उजाला
इसी गुस्से के चलते उनमें फिर बोलचाल और बलराज ने अकांक्ष को कहा कि तू ज्यादा शेरा का बॉडीगार्ड बना फिरता है। ये कहते हुए वह बीएमडब्ल्यू कार में बैठा, उसके साथ फरीद बैठा हुआ था। बलराज ने तेज गति से बीएमडब्ल्यू कार अकांक्ष पर चढ़ा दी। एक बार टक्कर लगने से अकांक्ष गिर गया। फिर बलराज ने कार दोबारा उसके सिर पर चढ़ाई और फरार हो गया। उसके साथ फरीद सिंह भी था। उसके बाद अदम्य अकांक्ष को तुरंत पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर ले गया।