हिसार के शांति नगर स्थित भाईचारा चौक पर रहने वाले अश्विनी सरदाना की बेटी पलक सरदाना ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के वाणिज्य संकाय में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। पलक के परिवार में उनके पिता अश्विनी सरदाना, मां मोनिका सरदाना और एक बहन सिया है। पलक के पिता अश्विनी सरदाना टेलरिंग का काम करते हैं। उनकी आर्य बाजार में दुकान है। मां हाउस वाइफ हैं, जबकि छोटी बहन सिया ने अभी दसवीं कक्षा में दाखिला लिया है।
टॉपर्स के संघर्ष की दास्तां - कोई किसान की बेटी तो किसी के पिता हैं टेलर, प्रेरक है कहानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसी तरह डबल फाटक के पास बनी चांदबाग कॉलोनी निवासी रामप्रसाद जांगड़ा की बेटी मोनिका ने भी इसी संकाय में पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान पाया है। मोनिका जांगड़ा के पिता रामप्रसाद जांगड़ा कारपेंटर हैं। उनका फर्नीचर का कामकाज है। उनकी मां ऊषा भी हाउस वाइफ हैं, जबकि बड़ी बहन किरण बीए फाइनल ईयर की छात्रा है तो छोटे भाई आदित्य ने नौवीं कक्षा में दाखिला लिया है।
पलक और मोनिका दोनों ही चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बनना चाहती हैं। दोनों ही शहर के पीजीएसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्राएं हैं। मोनिका ने तो 12वीं कक्षा के पेपर देने के बाद ही सीए बनने के लिए कोचिंग लेनी शुरू कर दी है।
पलक सुबह के समय तो मोनिका रात में करती थीं अधिक पढ़ाई
पलक बताती हैं कि उन्होंने पूरे साल ही नियमित रूप से अपनी पढ़ाई जारी रखी है। परीक्षा जब नजदीक आई तो उन्होंने सुबह 4:30 बजे उठकर पढ़ना शुरू कर दिया। पलक का मानना है कि सुबह माइंड फ्रेश होता है। इसलिए जो पढ़ा जाए, वह आसानी से याद रहता है। वहीं मोनिका का कहना है कि जो स्कूल में पढ़ाया, उसका घर पर आकर अच्छे से रिविजन करती थी। परीक्षा के दौरान रात में अधिक पढ़ती थी। रात 12 से 1 बजे तक पढ़ने के बाद अच्छी नींद भी लेती थीं।
सोशल मीडिया से दोनों ही रहीं दूर
पलक और मोनिका दोनों कहती हैं कि उन्होंने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाकर रखी। मूड फ्रेश करने के लिए पलक ने कभी गाने सुन लिए तो कभी स्कूल में ही डांस कक्षाओं को ज्वाइन कर लिया। स्कूल में लगने वाली अतिरिक्त क्लासेज में भी उन्होंने हिस्सा लिया।
आईएएस बनने की चाह रखने वाली गीता ने नहीं लिया ट्यूशन का सहारा
हरियाणा शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में आर्ट संकाय में करसिंधु गांव की बेटी गीता ने कुल 500 में से 491 अंक प्राप्त करके प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। गीता साधारण किसान परिवार से आती हैं। वह पढ़ाई के साथ-साथ अपने माता-पिता का घर के काम में खूब हाथ बंटाती है।
गीता के अनुसार वह सिविल सेवा में जाना चाहती है। उसने बताया कि पढ़ाई के लिए उसने कभी भी ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। पढ़ाई के लिए इंटरनेट की मदद जरूर ली है। पढ़ाई के साथ वह सोशल मीडिया पर भी समय देती थी। गीता के अनुसार जितनी पढ़ाई की, वह मन से की। पढ़ाई को कभी बोझ नहीं माना और परीक्षा का कोई तनाव नहीं लिया।
गीता खरल गांव स्थित कन्या गुरुकुल में पढ़ाई करती हैं। गीता खरल गांव में अपने नाना के घर रहती है। इससे पहले 10वीं कक्षा में भी उसने 96 प्रतिशत अंक प्राप्त करके जिले में टॉप टेन में जगह बनाई थी।
साधारण किसान बेटी है गीता
गीता करसिंधु गांव निवासी कृष्ण की सबसे बड़ी संतान हैं। गीता के दो छोटे भाई हैं। एक नौवीं कक्षा में तो दूसरा आठवीं कक्षा में पढ़ता है। गीता के पिता कृष्ण के अनुसार वह बेशक खेती से जुड़े हैं, लेकिन पढ़ाई का महत्व बखूबी समझते हैं, इसलिए बच्चों को पढ़ाई के लिए पूरा अवसर देते हैं।