{"_id":"596c5fd44f1c1b715e8b4a26","slug":"haryana-traders-not-interesting-in-gst-ragistration","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"GST लागू होने के बाद सामने आई ऐसी सच्चाई, मोदी जी कहेंगे- ये क्या हो रहा है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
GST लागू होने के बाद सामने आई ऐसी सच्चाई, मोदी जी कहेंगे- ये क्या हो रहा है
Tue, 18 Jul 2017 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 18 Jul 2017 09:16 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
GST
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
जीएसटी लागू होने के बाद ऐसी सच्चाई सामने आई है, जानकर प्रधानमंत्री मोदी कहेंगे कि ये क्या हो रहा है और फिर कइयों पर गाज गिरेगी, जानिए माजरा।
2 of 6
GST
दरअसल, हरियाणा में जीएसटी की अधिक टैक्स दरों से नाराज चल रहे लगभग 49 हजार डीलर्स ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है। ये डीलर वैट के तहत पंजीकृत हैं, इसलिए आबकारी एवं कराधान विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं। चूंकि, प्लाईवुड और कपड़ा व्यापारी अधिक टैक्स दरों का शुरू से विरोध करते आ रहे हैं। सरकार के लिए इन्हें जीएसटी के तहत पंजीकृत करना किसी चुनौती से कम नजर नहीं आ रहा।
3 of 6
gst
आबकारी एवं कराधान विभाग ने अब ईटीओ को ये ड्यूटी सौंपी है कि वे सभी डीलरों को वैट से माइग्रेट करजीएसटी के तहत पंजीकृत करवाएं। हरियाणा में वैट के तहत पंजीकृत सभी डीलरों के कुल 255408 पैन वैध हैं। अभी तक 206553 ने स्वयं जीएसटी के तहत अपना नाम दर्ज कर नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। बाकी ने जीएसटी आरईजी-26 फार्म हस्ताक्षर और प्रमाणित करआवेदन जमा नहीं किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
GST
आबकारी एवं कराधान विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार कानून के तहत सफलतापूर्वक नामांकन करने के लिए तीन महीनों की अवधि होती है, लेकिन विभाग कम से कम समय में सभी का पंजीकरण जीएसटी के तहत कराना चाहता है। 206553 डीलरों में से 163039 ने इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणीकरण कोड के माध्यम से जीएसटी आरईजी-26 फार्म प्रमाणित कर जमा किया है।
विज्ञापन
5 of 6
- फोटो : अमर उजाला
सक्षम अधिकारी के लिए 15 दिनों की अवधि के भीतर डीलरों की ओर से प्रस्तुत आवेदन को प्रमाणित करना जरूरी है। असफल रहने पर पंजीकरण को स्वीकृत मान लिया जाएगा। यदि कोई कर चोरी करता है या जीएसटी कानून की पालना नहीं करता है, तो जीएसटी कानून के प्रावधानों के अनुसार उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।