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भारतीय सैनिकों की 'दीवार' थे जांबाज राय सिंह, सीने पर सह लिया धमाका
शनि शर्मा/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Thu, 24 Nov 2016 09:30 AM IST
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राजौरी में शहीद हुए हरियाणा के हेड कांस्टेबल राय सिंह
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एलओसी की सीमा के बिल्कुल पास बने बंकरों में तैनात राय सिंह भारतीय सैनिकों की 'दीवार' थे। उनकी बहादुरी के ये राज आपकी आंखें नम कर देंगे।
राजौरी में शहीद हुए हरियाणा के हेड कांस्टेबल राय सिंह
भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में 21 साल तक सेवा देने वाले शहीद राय सिंह अपनी काबिलियत और शिक्षा के दम पर बीएसएफ की फेडरल डिफेंडर लोकेलिटी (एफडीएल) यूनिट के जांबाज सिपाही थे। 24 घंटे दुश्मनों से लोहा लेने को तैयार रहने वाली एफडीएल के सदस्य सीमा से बिल्कुल सटे (एलओसी) क्षेत्र में बने बंकरों में रहकर देश की रक्षा करते हैं। शहादत के समय भी हेड कांस्टेबल राय सिंह इसी यूनिट से जुड़कर देश की सेवा कर रहे थे।
पाक फायरिंग में एक और वीर सपूत शहीद
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली, पंजाब और अन्य जगहों पर देश सेवा करने वाले राय सिंह करीब डेढ़ साल से एफडीएल का हिस्सा थे। बीएसएफ के एसआई गुरनाम सिंह ने बताया कि एफडीएल के सदस्य ‘लाइन ऑफ कंट्रोल’ (एलओसी) पर बने बंकरों में ड्यूटी करते हैं। दुश्मनों को सबसे पहले सबक एफडीएल के जवान ही सिखाते हैं। इसके बाद बीएसफ के अन्य जवानों की टुकड़ियां तैनात रहती हैं। उन्होंने बताया कि राय सिंह को हथियारों की अच्छी समझ थी। बेहतर शिक्षा के चलते उन्हें एफडीएल में तैनात किया गया था।
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राजौरी में शहीद हुए हरियाणा के हेड कांस्टेबल राय सिंह
शहीद राय सिंह सहित बीएसएफ के एएसआई सोहनलाल, अमित राणा और गोविंद राज एलओसी पर बने बंकर में तैनात थे। एसआई गुरनाम ने बताया कि रात करीब साढ़े दस बजे दुश्मनों ने सीज फायर का उल्लंघन किया। इसमें दुश्मनों की तरफ से मोर्टार 120 चलाया गया जो कि सीधा राय सिंह के बंकर के द्वार पर आकर फटा। इस कारण राय सिंह मौके पर ही शहीद हो गये, जबकि सोहनलाल, अमित, गोविंद राज व चौथे जवान गंभीर रूप से घायल हो गये।
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शहीद राय सिंह का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
सीमा पर पाकिस्तान की करतूत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीएसएफ के जवान शहीद राय सिंह और अन्य घायल जवानों को लेकर पोस्ट तक पहुंचे ही थे कि दुश्मनों ने फिर से बमबारी शुरू कर दी। तभी जवानों ने हेड क्वार्टर को भारी बमबारी की सूचना दी। एसआई गुरनाम ने बताया कि हालांकि इस बार बीएसएफ के जवानों ने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया। बमबारी में अपना कोई जवान घायल नहीं हुआ।