रेप और गैंगरेप करने की सजा को लेकर बीजेपी सरकार ने बड़ा ही ऐतिहासिक फैसला लिया है। कोई नहीं बताएगा इसके बारे में, यहां जानिए।
दरअसल, हरियाणा में 12 साल या इससे कम आयु की बच्चियों से दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म पर अब फांसी की सजा पक्की हो गई है। विधानसभा में दंड विधि हरियाणा संशोधन विधेयक 2018 के सर्व सम्मति से पारित होने पर यह संभव हो पाया है। वीरवार को बजट सत्र के अंतिम दिन विधेयक को चर्चा के बाद पारित कर दिया गया।
कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी, विधायक करण दलाल व गीता भुक्कल ने नए कानून में संशोधन के लिए अहम सुझाव दिए। सीएम मनोहर लाल ने आश्वस्त किया कि कानून को कड़ा से कड़ा बनाने के लिए इन सुझावों पर अमल किया जाएगा। भविष्य में कानून में और संशोधन लाए जाएंगे।
किरण चौधरी ने 12 साल या इससे कम आयु की बच्चियों से रेप या गैंगरेप पर ही फांसी की सजा होने पर आपित्त जताई। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म या सामूहिक दुष्कर्म के मामलों में आयु सीमा की शर्त हटाई जाए। हर आयु के महिला के साथ इस तरह के जघन्य अपराधों पर फांसी हो। चूंकि, इसका शिकार होने वाली महिलाएं रोजाना मर-मर कर जीती हैं। सरकार इसे राजस्थान-मध्यप्रदेश की तर्ज पर हूबहू न पारित करें।
बता दें कि विधेयक के पास होने के बाद अब 12 साल की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के दोषी को फांसी या कम से कम 14 वर्ष और सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को कम से कम बीस साल सश्रम कारावास का भी प्रावधान किया गया है। इसे आजीवन कारावास या दोषी के जीवित रहने तक बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई है।