महिलाओं के लिए एक खुशखबरी तो एक बुरी खबर। रसोई की और रोज काम आने वाली कई चीजें सस्ती तो कई चीजें महंगी हो गई हैं, जानिए कितनी।
एक जुलाई से थीम पार्क, वॉटर पार्क या जॉय राइड्स एन्जॉय करना महंगा हो जाएगा। इन पर 28% सर्विस टैक्स लगेगा। अभी यह 15% है। 300 रु. का टिकट सर्विस टैक्स के साथ अभी 345 रु. का पड़ता है। जीएसटी में यह 384 रु. हो जाएगा। यानी 11.3% महंगा। आईपीएल जैसे स्पोर्ट्स इवेंट पर भी यही रेट लागू होगा।
जीएसटी काउंसिल ने 83 तरह की सर्विस को छूट की कैटेगरी में रखा है। इनमें से 82 पर अब भी छूट है। नई सेवा में जीएसटीएन को जोड़ा है। आउटडोर केटरिंग में खाने-पीने की चीजों की सप्लाई, सर्कस, क्लासिकल और फोक डांस, बैले, ड्रामा, थियेटर टिकट भी महंगे होंगे। बता दें कि जीएसटी काउंसिल ने ज्यादातर वस्तुओं (गुड्स) और सेवाओं (सर्विस) पर टैक्स तय कर दिए हैं।
GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स है। इसको केंद्र और राज्यों के 17 से ज्यादा इनडायरेक्ट टैक्स के बदले में लागू किया जाएगा। सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती है। इसकी वजह अलग-अलग राज्यों में लगने वाले टैक्स हैं। इसके लागू होने के बाद देश बहुत हद तक सिंगल मार्केट बन जाएगा।
जीएसटी से एक्साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स, स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैंप ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या बिक्री और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी, स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम, एटरटेनमेंट टैक्स, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, लग्जरी खत्म हो जाएंगे।