फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

E-Way बिल से जुड़े इस नियम की जानकारी नहीं होगी आपको, बड़े काम का है देखिए

Fri, 25 May 2018 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Fri, 25 May 2018 09:37 AM IST
विज्ञापन
goods & services tax, e-way bill generation rule
ई वे बिल
जीएसटी और ई-वे बिल लागू जरूर हो गया है, लेकिन अभी तक लोगों को इसके बारे में सही जानकारी नहीं है। हम बता रहे हैं, एक जरूरी बात।
goods & services tax, e-way bill generation rule
ई वे बिल
अब तक उद्यामियों और व्यापारियों को इसकी सही जानकारी नहीं है। जिसकी वजह से गलत ट्रांजेक्शन हो जाते हैं और खामियाजा उद्यमियों और व्यापारियों को भी भुगतना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट और उद्यमियों के संयुक्त प्रयास से बुधवार को भिवानी रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में सेमिनार का आयोजन किया गया। जहां सेंट्रल जीएसटी और स्टेट जीएसटी के अधिकारी भी मौजूद रहे।
goods & services tax, e-way bill generation rule
ई-वे बिल
जीएसटी और ई-वे बिल के नियमों की जानकारी नहीं होने से आ रही समस्याओं का समाधान किया गया। मुख्य वक्ता सीएम बिमल जैन रहे, जो चेयरमैन इंडायरेक्ट टैक्स पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स दिल्ली हैं। उन्होंने बताया कि ई-वे बिल उसी को जनरेट करना है, जो माल को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाएगा। अगर गलती से इंटरस्टेट की जगह इंट्रास्टेट के हिसाब से ई-वे बिल भर दिया गया तो रिफंड मिलना खासा मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
goods & services tax, e-way bill generation rule
ई वे बिल
उन्होंने बताया कि एक बार माल भेजने के बाद अगर ग्राहक बीच में ही सामान लेने से मना कर दे तो डिलीवरी चालान काटाने के साथ ही माल को वापस स्टॉक में दिखाने लिए क्रेडिट नोट भी लगाना होगा। अगर इसी माल को कोई दूसरा ग्राहक लेना चाहे तो टैक्स इनवाइस के साथ ही ई-वे बिल फिर से जनरेट करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 24 घंटे के अंदर माल नहीं पहुंचने पर ई-वे बिल कैंसल हो जाता है।
विज्ञापन
goods & services tax, e-way bill generation rule
ई वे बिल
ऐसे में अगर किसी व्यापारी इनवाइस एक दिन काटी और माल की डिलीवरी कुछ दिन बात करनी है तो ई-वे बिल का पार्ट-ए भरे, लेकिन पार्ट-बी नहीं भरे। पार्ट-बी उसी दिन भरे, जिस दिन माल को डिलीवरी के लिए रवाना किया जाएगा। ई-वे बिल के पार्ट-ए और पार्ट-बी को भरने के बीच में व्यापारी के पास 15 दिन का वक्त होता है। इसी तरह अगर माल ले जाते वक्त रास्ते में वाहन  बदला गया हो तो ट्रांसपोर्टर को पार्ट-बी ही बदलना होगा। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed