अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी के 21 जून के प्रस्तावित दौर को लेकर हुई फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान कई कमियां देखने को मिलीं। रविवार को फुल ड्रेस रिहर्सल में शामिल जोश से भरे पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के प्रतिभागियों में उत्साह तो देखने को मिला। लेकिन रिहर्सल में हजारों प्रतिभागियों को ड्रेस नहीं मिल पाई। रंग बिरंगे कपड़ों में ही प्रतिभागियों ने योग किया। चंडीगढ़ सहित पंजाब और हरियाणा के भी कई ग्रुप लीडर्स ने ड्रेस नहीं मिलने की शिकायत की। वहीं कैपिटल कांप्लेक्स के लिए चयनित अधिकतर प्रतिभागियों की प्रतिभागिता रही। कांप्लेक्स में 30 हजार 100 मैट लगाए गए थे। 400 मैट रिजर्व भी रखे गए थे।
पीएम मोदी के लिए फुल ड्रेस रिहर्सल, सामने आई कई खामियां, तस्वीरें
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प्रार्थना से शुरू होकर प्रोटोकॉल में चालन क्रिया, शिथिलीकरण अभ्यास, खड़े होकर किए जाने वाले आसन जैसे ताड़ासन, पादहस्तासन, बैठकर किए जाने वाले आसन जैसे भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसन जैसे मकरासन, उत्तानपादासन, अर्ध हलासन, पीठ के बल लेटर किए जाने वाले आसन जैसे सेतुबंधासन, उत्तानपादासन का अभ्यास करवाया गया। कपालभाती, प्राणायाम, ध्यान, संकल्प के बाद शांति पाठ से प्रोटोकॉल का समापन हुआ।
रिहर्सल में एंट्री के समय आई कार्ड चेक नहीं हुए। इसका कारण यह भी रहा कि बहुत से प्रतिभागियों को रिहर्सल से पहले तक आई कार्ड दिया ही नहीं जा सका था। मेटल डिटेक्टर मशीन से गुजरने के बाद ही सभी को एंट्री मिल गई। हालात यह रहे कि अपने दोस्तों को छोड़ने गए या फिर वैसे ही कैपिटल कांप्लेक्स पहुंचने वाले बहुत से लोग भी मेन वेन्यू में प्रवेश कर गए। इतना ही नहीं उन्होंने योग प्रोटोकॉल की पूरी ट्रेनिंग भी की। एंट्री के लिए ब्लॉक वाइज अलग-अलग गेट बनाए गए थे। लेकिन गेट पर यह दर्शाया नहीं गया कि यहां से किस-किस ब्लॉक की एंट्री होगी। चेकिंग के लिए तैनात पुलिसकर्मियों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। जिससे बहुत से ग्रुप गलत एंट्री गेट से प्रवेश कर गए। जिस कारण उन्हें वेन्यू में बहुत से ग्रुप पार कर ढूंढते ढूंढते अपने स्थान पर पहुंचना पड़ा। कुछ लोग तो मैट के ऊपर पैर रखकर ही गुजर रहे थे जिस कारण सैकड़ों मैट गंदे भी हो गए।
कैपिटल कांप्लेक्स के सभी ब्लॉक में बैठे लोग प्रधानमंत्री से सीधे जुड़ सकें, उनको योग करते देख सकें। इसके लिए पूरे वेन्यू में 40 एलईडी लगाई गई हैं। शुरुआत में हाईकोर्ट के सामने के कुछ ब्लॉक में एलईडी चली ही नहीं। बाद में इन एलईडी को चलवाया गया। साथ ही योग प्रोटोकॉल शुरू होने के बाद तक एलईडी पर स्टेज का लाइव दिखने के बजाय रिकॉर्डेड वीडियो ही चलती रही। आधे से ज्यादा प्रोटोकॉल होने के बाद शवासन में एलईडी पर स्टेज पर लाइव योग करते एक्सपर्ट्स दिखाई देने लगे।
रिहर्सल के दौरान विधानसभा के दोनों ओर बने पौंड में कमल खिले नहीं दिखे। कयास लग रहे थे कि दोनों पौंड में कमल खिलाए जाएंगे। हालांकि कमल के कुछ पौधे पौंड में दो तीन दिन पहले रोपित भी किए गए थे। कैपिटल कांप्लेक्स में योग प्रोटोकॉल ट्रेनिंग शुरू होने से पहले तक लोग ग्रुप में मर्जी से इधर-उधर घूमते दिखे। उन्हें बिठाने या कंट्रोल करने के लिए कोई दिखा ही नहीं। कुछ लोग तो एक जगह पड़े मैट के बंडल से मैट उठा उठाकर इधर-उधर ले जाते मिले। योग प्रोटोकॉल सुबह 7 से 8 बजे के बीच होना प्रस्तावित था। लेकिन लोगों की आवाजाही और एंट्री देरी से होने के कारण प्रोटोकॉल सुबह 7.30 बजे शुरू हो पाया। 7 बजे तक लोग बीच-बीच में इधर-उधर आते जाते दिख रहे थे।